सिलोखरा तालाब को पिकनिक स्थल के रूप में किया जा रहा विकसित
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साउथ सिटी-1 और सेक्टर-30 के लोगों को सुंदर तालाब की सौगात मिल गई है। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण सिलोखरा गांव के जोहड़ (तालाब) का जीर्णोद्धार कर मॉडर्न पिकनिक स्थल के रूप में इसे विकसित कर रहा है और 31 दिसंबर तक सभी कार्य पूरा करना है। 15 जनवरी को एनजीटी में सुनवाई होनी है। जीएमडीए के शहरी पर्यावरण प्रभाग के अनुसार तालाब के जीर्णोद्धार का कार्य लगभग पूरा हो गया है।
साउथ सिटी-1 निवासी ब्रिगेडियर परमजीत सिंह ने साल 2022 में एनजीटी में एक याचिका दायर की थी। इसमें कहा गया था 30 साल पहले सिलोखरा गांव में जोहड़ होता था। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने जोहड़ की जमीन का अधिग्रहण कर लिया था और इसे मलबा-मिट्टी से भर दिया गया। बाद में यह जमीन गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) को ट्रांसफर हो गई। जीएमडीए ने अपनी कार्ययोजना बनाकर तोहड़ का विकास एक निजी कंपनी के सीएसआर के तहत करा दिया था। लोगों ने एनजीटी को बताया था कि जोहड़ विकसित करने में पहले से पास नक्शे में बदलाव कर दिया गया जबकि एनजीटी से मंजूरी नहीं ली गई। इसे एनजीटी में गंभीरता से लिया और जीएमडीए, एचएसवीपी समेत अन्य विभागों के अधिकारियों कार्रवाई करने की बात कही थी।
एनजीटी ने जीएमडीए को निर्देश दिया था कि सिलोखरा गांव के जोहड़ का जीर्णोद्धार दोबारा से कराया जाए। इस पर जीएमडीए ने पहले हुए हुए कार्यों को तोड़ दिया और एनजीटी के अनुसार कार्य शुरू कराया। एनजीटी में 6 अक्तूबर को इस मामले में सुनवाई हुई थी जिसका अब पूरा आर्डर अब आ गया है।
जीएमडीए के अनुसार तालाब के चारों ओर पौधे लगाए जा चुके हैं। पहले तालाब में पानी भरा गया था। इसके बाद पानी में गंदगी को साफ करने के बाद दोबारा से भरा जा रहा है। फव्वारे लगाए जाएंगे और मछलियां छोड़ी जाएगी। जीएमडीए ने सिग्नेचर टावर से तालाब तक पानी की लाइन डाली है।
बच्चों के लिए खेलने का भी इंतजाम
तालाब में बच्चों के लिए झूले, छोटा से ओपन थियेटर, ओपन जिम और पौधों के साथ वॉकिंग ट्रैक बनाया गया है। जीएमडीए की योजना है कि तालाब एक पर्यटन स्थल के रूप में बने। तालाब के बाहर वाहन पार्क करने के लिए भी इंतजाम किया गया है।