गुरुग्राम। बुजुर्ग मां की शिकायत पर सुनवाई करते हुए वेलफेयर ऑफ पैरेंट्स एंड सीनियर सिटीजन ट्रिब्यूनल ने दोनों पुत्रों को आदेश दिया है कि माता की देखभाल करना उनकी सामाजिक व नैतिक जिम्मेदारी है, इसलिए दोनों बेटे प्रतिमाह 5-5 हजार रुपए भरण-पोषण के लिए मां को देंगे। जिससे वह अपनी दैनिक आवश्यकता पूरी कर सके।
ट्रिब्यूनल के पदेन सदस्य अधिवक्ता बीएस चौधरी व अरविंद कुमार ने बताया कि डीएलएफ फेस-2 की निवासी बुजुर्ग महिला ऊषा कपूर ने दोनों पुत्र सलिल कपूर व संजय कपूर के खिलाफ शिकायत दायर की थी। जिसमें आरोप लगाए थे कि वह दोनों उनकी देखभाल नहीं करते हैं, हालांकि वह पुत्र संजय कपूर के साथ ही रहती हैं। दोनों पुत्रों पर आरोप है कि वह परेशान करते हैं। उप मंडलाधीश बादशाहपुर जोकि ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष हैं, उन्होंने दोनों पुत्रों को समन भेजकर न्यायालय में तलब किया था। पुत्रों ने मां की ओर लगाए गए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया और न्यायालय को बताया कि मां को पिता के निधन के बाद संपत्ति में काफी हिस्सा भी मिला है। न्यायालय ने आदेश पारित किया कि बुजुर्ग महिला के देखभाल की जिम्मेदारी दोनों पुत्रों की बनती है। वह अपनी माता का ध्यान रखें और उन्हें प्रतिमाह 5-5 हजार रुपये की धनराशि का भुगतान करें।