शहर की रामलीलाओं में पंचवटी प्रसंग और सीता हरण की धूम, अभिनय देख विह्वल हुए दर्शक
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। शहर की विभिन्न रामलीलाओं में इन दिनों भक्ति और कला का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। नौवें दिन के मंचन में पंचवटी में राम-सीता प्रेम, शूर्पणखा की नाक काटने और भावुक कर देने वाले सीता हरण के दृश्यों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
जैकबपुरा स्थित श्री दुर्गा रामलीला में स्वर्ण मृग और सीता हरण का प्रसंग मुख्य आकर्षण रहा। जब कपटी मारीच ने भैया लक्ष्मण बचाओ की आवाज लगाई, तो चिंतित सीता जी के कहने पर लक्ष्मण जी सुरक्षा के लिए लक्ष्मण रेखा खींचकर चले गए। इसके बाद रावण जोगी का भेष बनाकर आया और नृत्य करते हुए भिक्षा मांगने लगा। जैसे ही सीता जी ने रेखा पार की, रावण ने उनका हरण कर लिया। इस दृश्य ने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया। यहां लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज बुजुर्ग कलाकार बनवारी लाल सैनी ने अपनी उम्र को दरकिनार करते हुए जोगी रावण का बेहद धाकड़ और दमदार किरदार निभाया।
दूसरी ओर, न्यू कॉलोनी गीता भवन की रामलीला में सीता हरण, शबरी संवाद और राम-सुग्रीव मित्रता के दृश्यों का भव्य मंचन हुआ। इसमें मयंक चावला (श्रीराम), सुहानी गोसाईं (सीता), साहिल तनेजा (लक्ष्मण) और अश्विनी कुमार (रावण) ने अपने सजीव अभिनय से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
इसके अलावा, मदनपुरी के बाल सुख सागर मंडल और डाकखाने की पुरानी रामलीला में शूर्पणखा की नाक काटने व रावण दरबार में उसकी गुहार के दृश्यों को बखूबी दर्शाया गया। वहीं, प्रेम मंदिर की श्रीराम रामलीला कमेटी में राम-केवट प्रसंग और लक्ष्मण-शूर्पणखा संवाद को देखने के लिए भारी संख्या में श्रद्धालु उमड़े।