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खस्ताहाल सरकारी सेवाओं के बीच कोरोना मरीज लाचार

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गुरुग्राम। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में प्रशासन हर तरीके से अब समर्पण की मुद्रा में आ चुका है। एक तरफ जहां निजी अस्पतालों में बेड भर चुके हैं, मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा है। वहीं, प्रशासन की तरफ से जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर पर कभी भी संपर्क नहीं होता है। कोरोना संबंधी पूछताछ व अन्य सेवाओं के लिए 1950 हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है। इस नंबर पर सुबह से शाम हो जाती है लेकिन कोई जवाब ही नहीं मिलता।
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वहीं, वनमैप जीजीएम पोर्टल पर अस्पतालों की सूची में जितने भी नाम हैं। किसी भी अस्पताल में कोरोना मरीजों के लिए जगह नहीं है। जिस भी अस्पताल में संपर्क करो पता चलता है कि 50-100 मरीजों की वेटिंग है। वहीं, पोर्टल पर शहर के इकलौते शासकीय कोविड अस्पताल का जो नंबर दिया गया है, उस पर कॉल करने पर नंबर नॉट रजिस्टर्ड बताता है। ऐसे में मरीजों के सामने इलाज की भारी समस्या खड़ी हो गई है। वहीं, अब अस्पतालों में ऑक्सीजन की भी किल्लत होने लगी है।
रोजाना आ रही 150 कॉल
मूल रूप से दिल्ली निवासी अनूप कुमार कोरोना संक्रमित हो गए हैं। वह दिल्ली के एक शासकीय अस्पताल में भर्ती हैं लेकिन सही इलाज न मिलने से वह पिछले चार दिन से जिले के लगभग सभी निजी अस्पतालों में लगातार फोन कर रहे हैं लेकिन कहीं पर भी उनको दाखिला नहीं मिल रहा है। उनके परिजनों ने रविवार को शहर के आरवी अस्पताल में फोन किया तो पता चला कि उक्त अस्पताल में एक भी बेड खाली नहीं है। यही हाल, फोर्टिस, पारस, नारायणा, कोलंबिया एशिया, आर्टेमिस समेत अन्य निजी अस्पतालों का भी है। वहीं, कोरोना मरीजों को भर्ती कराने से संबंधित रोजाना 150 कॉल आ रही हैं, जिनको मना किया जा रहा है। इसके अलावा अनूप के परिजनों ने जब 1950 पर कॉल किया तो सुबह से शाम हो गई लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। ये समस्या केवल अनूप की नहीं, बल्कि कई मरीजों की हो गई है जिन्हें सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं।
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