इस साल मार्च में लिंगानुपात 751 था, जोकि मई में बढ़कर 917 हुआ
स्वास्थ्य महकमा गंभीर, अब तक एमटीपीट व पीएनपीटी केंद्रों में मारे गए 13 छापे
सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। साइबर सिटी में लिंगानुपात की स्थिति सुधारने के लिए स्वास्थ्य महकमा पूरी तरह सतर्क और गंभीर है। नतीजतन साल की दूसरी तिमाही में इसके बेहतर होने के संकेत मिल गए हैं। इस साल मार्च के अंत तक जहां लिंगानुपात लुढ़ककर 751 पहुंच गया था, वहीं मई के अंत तक 917 पहुंच गया है। जून में भी इसमें सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
बताते चलें कि वर्ष 2024 में हरियाणा में पांच जिले ऐसे थे, जिनमें लिंगानुपात 900 से भी नीचे था। इनमें गुरुग्राम (899) जिला भी शामिल था जबकि 2023 में यह लिंगानुपात 912 था। लिंगानुपात के आंकड़ों में यह गिरावट स्वास्थ्य महकमे के लिए बड़ी चिंता का विषय थी जिसके चलते विभाग ने इस साल विभिन्न जागरूकता अभियानों और सख्ती के जरिये इस लिंगानुपात को सुधारने का बीड़ा उठा रखा है।
इसी सख्ती के चलते विभाग ने इस वर्ष अब तक 11 एमटीपी और दो पीएनपीटी केंद्रों पर दबिश देकर कार्रवाई की है। जिले के चारों ब्लॉकों में कुल 249 एमटीपी केंद्र पंजीकृत हैं। वर्तमान में सिर्फ एक केंद्र ही अधिकृत वितरक है। इसके बावजूद अवैध रूप से संचालित केंद्रों की संख्या चिंता का विषय बनी हुई है। विभाग का उद्देश्य लड़कियों के जन्म को प्रोत्साहित कर लिंगानुपात को संतुलित करना है।
मिलेगा एक लाख रुपये का इनाम
विभाग ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। यदि कोई व्यक्ति लिंग परीक्षण या अवैध एमटीपी केंद्र की जानकारी देता है, तो उसे एक लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। पिछले डेढ़ महीने में सबसे अधिक कार्रवाई इन्हीं केंद्रों पर की गई है। स्वास्थ्य विभाग का यह कदम बेटियों के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रही है।
जहां लिंगानुपात 750 से नीचे, वहां लगेंगे शिविर
विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां लिंगानुपात 750 से भी नीचे है वहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा जागरूकता शिविर लगाए जा रहे हैं। झुग्गी-झोपड़ियों और प्रवासी आबादी वाले इलाकों में यह समस्या अधिक पाई जा रही है। विभाग का मानना है कि इन क्षेत्रों में भ्रूण लिंग परीक्षण और अवैध गर्भपात के मामले ज्यादा सामने आते हैं।
कब क्या स्थिति
महीना आंकड़े
जनवरी 877
फरवरी 850
मार्च 751
अप्रैल 907
मई 917
बीते दिनों हुईं कार्रवाई
अवैध रूप से गर्भवती महिलाओं के भ्रूण की लिंग जांच करने के आरोप में रोहतक, रेवाड़ी और नूंह स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीमों ने छापा मारकर नल्हड़ मेडिकल कॉलेज रोड पर बने एक अल्ट्रासाउंड सेंटर में मशीन को सील कर दिया था। आरोप है कि सेंटर में गर्भवती महिलाओं तथा नूंह के आसपास की महिलाओं के गर्भ में पल रहे भ्रूण की मोटी रकम लेकर लिंग जांच होती थी।
बीते महीनों में लिंगानुपात काफी घट गया था, जिस वजह से एमटीपी और पीएनपीटी केंद्रों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए अब एक ही डिस्ट्रीब्यूटर को अनुमति दी गई है। यदि इस दौरान कोई भी जांच करता पाया गया तो उस पर एफआईआर दर्ज करने के साथ भारी जुर्माना लगाया जाएगा।
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डाॅ. प्रदीप कुमार, नोडल अफसर, पीसीपीएनडीटी