गुरुग्राम। चालान नहीं भरने वाले डिफॉल्टरों के खिलाफ नगर निगम शिकंजा कसेगा। निगम सीमा में चालान नहीं भरने वालों का सीवर और पानी कनेक्शन काटने के साथ ही उन पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। निगम जल्द ही एक विशेष अभियान चलाकर डिफॉल्टरों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
बृहस्पतिवार को निगम कार्यालय में निगम के उपायुक्त एवं नोडल अधिकारी डॉ. विजयपाल यादव की अध्यक्षता में हुई चालान के लिए अधिकृत जूनियर इंजीनियरों की बैठक में यह निर्णय लिया गया। यादव ने जूनियर इंजीनियरों से कहा कि जिन व्यक्तियों पर चालान की राशि लंबित है, उन्हें इस राशि का भुगतान करने के लिए कहें तथा अगर उसके बाद भी कोई उल्लंघनकर्ता चालान की राशि का भुगतान नहीं करता है तो विशेष अभियान चलाकर नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाएं। लंबित चालान से संबंधित व्यक्तियों से फोन पर संपर्क करने के निर्देश दिए गए।
हरियाणा नगर निगम अधिनियम, एनजीटी एक्ट, पर्यावरण अधिनियम सहित अन्य नियमों की अवहेलना करने वालों का चालान किया जाता है। इसके लिए जूनियर इंजीनियरों को चालान करने के लिए अधिकृत किया हुआ है। नगर निगम द्वारा कूड़ा डस्टबिन में न रखने, कचरा जलाने, मलबा डालने, पशुओं का गोबर फैलाने, धूल उड़ाने संबंधी कार्य करने, अवैध विज्ञापन का प्रचार, अवैध मीट शॉप, सार्वजनिक स्थानों पर कचरा डालने, प्रतिबंध के बावजूद निर्माण गतिविधियां करने, खुले में शौच एवं पेशाब करने, पशुओं को सड़कों पर खुला छोड़ने, बिना ढके निर्माण सामग्री ले जाने, पानी का दुरुपयोग करने तथा पॉलिथीन का उपयोग करने संबंधी मामलों में चालान किए गए हैं। इनमें 8 हजार से अधिक उल्लंघनकर्ताओं पर 3.41 करोड़ रुपये बकाया है।
यादव ने कहा कि सभी उल्लंघनकर्ताओं को भुगतान करने का आखिरी मौका दिया गया है, इसलिए जल्द से जल्द इस राशि का भुगतान करें तथा आगामी कार्रवाई से बचें।