क्योर्ड-इन-प्लेस पाइप तकनीक का हो रहा इस्तेमाल
बारिश के मौसम से पहले खराब सीवर लाइनों की मरम्मत करना काम का उद्देश्य
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम की ओर से सीवर लाइन को ठीक करने के लिए पहले चरण में पटौदी चौक से बसई चौक तक सीवर लाइन की मरम्मत क्योर्ड-इन-प्लेस पाइप (सीआईपीपी) तकनीक से की जा रही है। इस काम के पूरा होने के बाद शहर में अन्य जगहों पर तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इस तकनीक से काम होने पर सड़क की खुदाई से बचा जा रहा है। गुरुग्राम से जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग पर रोजाना हजारों वाहनों का गुजरना होता है।
इस कार्य का उद्देश्य बारिश के मौसम से पहले खराब हो चुकीं सीवर लाइनों की मरम्मत करना है, ताकि जलभराव, सीवर ओवरफ्लो और यातायात संबंधी समस्याओं से राहत मिल सके। सीआईपीपी तकनीक में बिना बड़े पैमाने पर सड़क की खुदाई किए पाइप के भीतर नई परत तैयार की जाती है, जिससे मरम्मत का कार्य अपेक्षाकृत तेज़ी से पूरा होता है और लोगों को कम असुविधा होती है। बारिश से पहले इस परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि मानसून के दौरान सीवर व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।
ये है सीआईपीपी तकनीक
पाइप के अंदर ही नई परत बनाकर मरम्मत करने की तकनीक या बिना खुदाई के पाइपलाइन की आंतरिक मरम्मत की तकनीक है। एक ऐसी तकनीक है जिसमें पुरानी या क्षतिग्रस्त सीवर पाइप के अंदर रेजिन से भीगी विशेष लाइनर (आस्तर) डाली जाती है। गर्मी, भाप या यूवी प्रकाश की मदद से इसे पाइप के अंदर ही सख्त किया जाता है, जिससे पुरानी पाइप के भीतर नई पाइप जैसी मजबूत परत बन जाती है। इस प्रक्रिया में सड़क की बड़ी खुदाई की आवश्यकता नहीं पड़ती।
बसई चौक से पटौदी चौक के बीच इस तकनीक से काम किया जा रहा है जिसे मानसून आने से पहले पूरा किया जाना है। इसके साथ ही नगर निगम अन्य क्षेत्र में जहां पर सीवर लाइन क्षति ग्रस्त है। उसे भी ठीक किया जाएगा।
- तुषार, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम गुरुग्राम