बीमारियों की आशंका, निवासियों ने प्रशासन से शीघ्र समाधान की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सीवेज की गंदगी खाली प्लॉटों में डाले जाने से बढ़ते हुए शहर का कोई कोना अछूता नहीं है। शहर की हाईराइज सोसाइटियों के पड़ाेस में सीवेज की गंदगी डाले जाने के कारण तालाब बन गए हैं। निवासियों ने प्रशासन से इसके शीघ्र समाधान की मांग की है। मानेसर और द्वारका एक्सप्रेसवे पर कई जगहों पर सीवेज की गंदगी से बजबजाते तालाब तो हैं ही, अब सदर्न पेरिफेरल रोड और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड भी अछूते नहीं हैं। सदर्न पेरिफेरल रोड और गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड की सोसाइटियों के लोगों ने भी सीवेज की गंदगी के कारण स्वास्थ्य संबंधित खतरे की शिकायत की है।
सेक्टर-63 टाइम रेसिडेंसी के पास बना तालाब
केवल द्वारका एक्सप्रेसवे और मानेसर ही नहीं गोल्फ कोर्स एक्सटेंशन रोड की ओर की सोसाइटियों के पास लोग पड़ोस के खाली प्लॉटों में सीवेज की गंदगी डाले जाने से त्रस्त हैं। सेक्टर 63 स्थित टाइम रेसिडेंसी सोसाइटी के निवासियों ने शिकायत की है कि उनकी सोसाइटी के पड़ोस के एक खाली प्लॉट मेंं टैंकरों से सीवेज की गंदा पानी बहाया जा रहा है। रोजाना टैंकर आते हैं और गंदा पानी बहाकर चले जाते हैं। सोसाइटी के लोग स्वास्थ्य संबंधित खतरों से डरे हुए हैं। गंदे पानी के कारण असहनीय बदबू और मच्छरों का प्रकोप है। इस सोसाइटी में 3000 से ज्यादा लोग रहते हैं। सोसाइटी के आरडब्ल्यूए अध्यक्ष शैलेश मिश्रा ने बताया कि गंदा और बदबूदार पानी सोसाइटी के पड़ोस में पसरा हुआ है। नगर निगम से इसकी शिकायत की गई है। सोसाइटी के एक प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से मुलाकात की मगर समाधान अभी तक नहीं निकल पाया है।
सेक्टर 70 में भी सीवेज की गंदगी से त्रस्त
सेक्टर 70 ए स्थित एस्टेयर गार्डन सोसाइटी के निवासियों ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर इलाके में टैंकरों से फेकीं जा रही सीवेज की गंदगी से तत्काल छुटकारा दिलाने की मांग की है। इसमें लिखा गया है कि सेक्टर में टैंकर से खाली प्लॉट में सीवेज की गंदगी डाली जा रही है, इससे तालाब जैसी संरचना बन गई है। यह लोगों के साथ यहां के पशु- पक्षियों और पर्यावरण के लिए भी नुकसान दायक है। सोसाइटी में हजारों परिवारों के स्वास्थ्य के लिए यह गंदगी खतरा है। एस्टेयर गार्डन ओनर्स एसोसिएशन कि अध्यक्ष जसवंत राव और महासचिव आरुणि शुक्ला ने बताया कि इसको लेकर उन्होंने इस साल 25 अप्रैल, 26 मई, 10 जून को उपायुक्त के समक्ष गुहार लगाई। सीएम विंडो में इसकी शिकायत लगाई। कष्ट निवारण समिति में गंदगी फैलाने वालों खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।