गुरुग्राम के लीला एंबियंस गोल्फ ग्रीन्स में दो दिनों तक आप 100 साल पुरानी कारों का कर सकेंगे दीदार
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। ये गाड़ियां अपने समय में जब सड़क पर निकलती होंगी तो हर किसी को रोमांचित करती होंगी। रफ्तार और शान की सवारी का जलवा आज भी बरकरार है। इन बेहद शानदार ऐतिहासिक कारों को आप अगले दो दिनों तक गुरुग्राम के लीला एंबियंस गोल्फ ग्रीन्स, गोल्फ कोर्स में करीब से देख सकेंगे।
11वीं विंटेज कार रैली शुक्रवार को दिल्ली के इंडिया गेट से शुरू होकर गुरुग्राम में एंबियंस गोल्फ कोर्स पहुंची। इंडिया गेट पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रदर्शनी स्थल पर हरियाणा के सरकार के उद्योग और वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने कार्यक्रम का उद्घाटन किया। कार्यक्रम के आयोजक मदन मोहन ने बताया कि उनकी अब तक आयोजित सभी विंटेज कार रैलियों में हर बार अलग-अलग कारें आई हैं। इस बार 125 विंटेज कारें और पुरानी बाइकें इसमें शामिल हैं। उद्यमी योहान पूनावाला समेत कई राजघराने और उद्योगों से जुड़े प्रमुख लोग इसमें शामिल हुए।
1939 की डेलाहे (फिगोनी एट फलास्की) की चमचमाती बॉडी, 1903 डी डिऑन बूटोन की नायाब बनावट और 1917 फोर्ड मॉडल टी रोडस्टर की ऐतिहासिक शान इस तीन दिवसीय कार प्रदर्शनी के लिए आकर्षण का केंद्र है। 1903 डी डिऑन बूटोन (इस शो की सबसे पुरानी कार), 1935 ब्यूक 90 एल (पूर्व अयोध्या राजपरिवार की) और 1935 कैडिलैक फ्लीटवुड शामिल हैं। इन कारों के जरिये ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के इतिहास की झलक मिलती है।
रॉल्स रॉयस और एमजी मोटर्स का जश्न
रॉल्स रॉयस कंपनी इस साल अपना 120वां साल मना रही है। रॉल्स रॉयस की 1922 सिल्वर घोस्ट लिमोजिन, 1926 सिल्वर घोस्ट टिलबरी सेडान, 1929 पी-1 सेडान डेविल और 1936 पी-3 लांडॉलेट बाय बार्कर जैसी नौ क्लासिक कारों काे प्रदर्शित किया गया है। वहीं, MG मोटर्स के 100 साल पूरे होने पर एक खास एमजी सेक्शन प्रदर्शनी में है। इसमें 1938 एमजीटीए टिकफोर्ड डीएचसी, 1947 एमजीटीसी और 1953 एमजी टीडी जैसी ऐतिहासिक गाड़ियां शामिल हैं।