150 से अधिक दुकानों वाली इस मार्केट में केवल एक सार्वजनिक शौचालय
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। सेक्टर-31 हुडा मार्केट आज प्रशासनिक उपेक्षा का केंद्र बन चुकी है। शहर का प्रमुख व्यावसायिक केंद्र होने के बावजूद यह बाजार सफाई, ड्रेनेज और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। नगर निगम की उदासीनता का आलम यह है कि 150 से अधिक दुकानों वाली इस मार्केट में केवल एक सार्वजनिक शौचालय है, जिसका उपयोग महिला और पुरुष दोनों को मजबूरी में करना पड़ता है।
इसके अलावा इस शौचालय के रखरखाव की जिम्मेदारी कागजों में तो नगर निगम की है, लेकिन असलियत में दुकानदार चंदा इकट्ठा कर इसे चालू रखते हैं। संवाद कार्यक्रम में लोगों ने बताया कि बदहाल सीवर और अंधेरे के कारण ग्राहकों ने बाजार से दूरी बना ली है, जिससे व्यापार चौपट हो रहा है। प्रशासन की यह अनदेखी न केवल व्यापारियों के भविष्य, बल्कि नागरिकों की गरिमा और सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है।
गंदगी के कारण लोग बना रहे बाजार से दूरी
मार्केट में सिर्फ एक वॉशरूम है। महिलाओं के लिए अलग शौचालय न होने के कारण ग्राहक परेशान होते हैं। अधिकारी सिर्फ फाइलों में काम करते हैं। - प्रवेश अत्री, उपाध्यक्ष
सीवर और ड्रेनेज व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। बाजार में सीवर ओवरफ्लो रहता है। बदबू और गंदगी के कारण ग्राहक बाजार आने पसंद नहीं करते। - एसपी आहूजा
बाजार में कम से कम तीन सार्वजनिक शौचालयों की सख्त जरूरत है, लेकिन बार-बार दिए गए आवेदनों के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। - हरीश आहूजा
रात होते ही बाजार की हालत और भी खराब हो जाती है। पूरी मार्केट में केवल एक स्ट्रीट लाइट काम कर रही है। अंधेरे के कारण असामाजिक तत्वों का डर बना रहता है। - मोहित