सुल्तान राष्ट्रीय उद्यान में ढाई एकड़ में बनाया जा रहा है तालाब, दस टापू बनेंगे
दिनेश कुमार
बादशाहपुर। फ्लेमिंगो तथा विदेशी पक्षियों को बेहतर परिवेश देने के लिए सुल्तान राष्ट्रीय उद्यान में ढाई एकड़ में तालाब बनाया जा रहा है। इस तालाब में दस टापू बनाए जा रहे हैं। इन टापू पर फ्लेमिंगो को प्रजनन करने में सुविधा मिलेगी। इस तालाब को खारे पानी से भरा जाएगा जो इन पक्षियों को पसंद है।
पिछले पांच सालों में वातावरण में परिवर्तन की वजह से लगभग 40 प्रतिशत फ्लेमिंगो कम हो चुके हैं। बसई वेटलैंड तथा नजफगढ़ वेटलैंड पहले एक था अब द्वारका एक्सप्रेसवे बनने से दोनों अलग-अलग हो गए हैं पहले बसई वेटलैंड में ही ज्यादा फ्लेमिंगो रहते थे लेकिन जब से द्वारका एक्सप्रेसवे बना है तब से अधिकतर फ्लेमिंगो नजफगढ़ वेटलैंड में रहते हैं। द्वारका एक्सप्रेसवे बनने के बाद चारों तरफ बिल्डिंग बन गई हैं जिससे माई ग्रेट पक्षी तथा फ्लेमिंगो को काफी डिस्टरबेंस हुआ है। यह शांति पसंद पक्षी है। जैसे ही यह डिस्टर्ब होता है कहीं और चला जाता है।
वाइल्ड लाइफ अधिकारी राजेश चहल ने बताया कि फ्लेमिंगों तथा अन्य पक्षियों को उनके अनुकूल परिवेश देने के लिए खारे पानी का तालाब बनाया जा रहा है। जिससे फ्लेमिंगो यहीं पर रहकर प्रजनन कर सके। उन्होंने बताया कि तालाब में दस टापू बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि नॉर्दन सबलर, नॉर्दन पिंटेल, कॉमन टील, गैडवॉल, रूडी शेल्डक, नॉर्दर्न शॉवलर, कॉमन पोचार्ड, यूरेशियन विजियोन आदि खारे पानी को पसंद करने वाले पक्षी हैं।
पक्षियों के लिए तालाब में डाली जाएंगी मछलियां
राजेश चहल ने बताया कि अभी झील में यमुना का मीठा पानी आ रहा है। अब जो तालाब बनाया गया है, उसमें ट्यूबेल लगा हुआ है। जिसमें मोटर डाल दी गई है। कनेक्शन मिलने के बाद 15 से 20 दिन में तालाब को पानी से भर दिया जाएगा। जिससे पक्षी नमकीन पानी का स्वाद ले सके। उन्होंने बताया कि तालाब भरने के बाद उसमें पक्षियों के खाने के लिए मछली डाल दी जाएंगी। उन्होंने कहा कि जब पक्षी यहां पर रहने लगेंगे तो लोग यहां आने लगेंगे, जिससे टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलेगा।