गुरुग्राम। शहर के सबसे व्यस्ततम बाजारों में से एक सदर बाजार को पैदल यात्रियों के अनुकूल व नो व्हीकल जोन बनाने के लिए शनिवार से शुरू हुई ट्रायल दूसरे दिन पूरी तरह फेल हो गया। वाहनों के प्रवेश को रोकने के लिए निगम की तरफ से सदर बाजार के प्रवेश द्वार पर कर्मचारियों को लगाया गया था, लेकिन वाहन चालकों की मनमानी के चलते ये सभी समर्पण की मुद्रा में नजर आए।
इस दौरान दोपहिया, चार पहिया वाहनों व ऑटो चालकों का सदर बाजार में बेधड़क आना-जाना जारी रहा। निगम की इस महत्वाकांक्षी योजना का शुरुआत से ही सदर बाजार के व्यापारी विरोध कर रहे थे। इसी संदर्भ में शनिवार को निगमायुक्त ने व्यापारियों के साथ बैठक भी की थी, लेकिन अगले दिन किसी भी समझौतों व शर्तों का पालन नहीं किया गया।
वाहन चालकों से नहीं मिला समर्थन
वाहन चालकों की तरफ से भी नगर निगम की योजना को कोई समर्थन नहीं मिला। नगर निगम के पुराने कार्यालय के बाहर व सदर बाजार के प्रवेश मार्ग पर किनारे की तरफ नाम मात्र के लिए कुछ कारें पार्क की गई थीं। इनसे नो व्हीकल जोन बनाने की योजना के क्रियान्वयन पर ज्यादा फर्क नहीं पड़ा क्योंकि जाम से बचने के लिए लोग सड़क किनारे अपनी कारों को खड़ी कर देते हैं और बीच बाजार में जाने से बचते हैं।
निगमायुक्त ने शनिवार को की थी बैठक
व्यापारियों के साथ निगमायुक्त ने शनिवार को लंबी बैठक की थी। इस दौरान निगमायुक्त ने व्यापारियों से उनके अहम सुझाव लिए थे और कई सुझावों को लागू करने की स्वीकृति भी दी थी। इसमें तय पार्किंग में ही वाहनों को खड़ा करने की अपील की थी। सिर्फ डिलीवरी करने वाले वाहनों को ही दोपहर 12 बजे तक सदर बाजार में प्रवेश की अनुमति दी गई थी और हाथ रेहड़ी से सामान लाने-ले जाने पर भी सहमति बनी थी। उन्होंने दुकानदारों से ट्रायल में सहयोग की अपील की थी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ।