गुरुग्राम। भारत बंद के दौरान गुरुग्राम में सार्वजनिक परिवहन सेवा सामान्य रही। प्राइवेट बसें, मेट्रो, ऑटो और कैब सुचारु रूप से चलती रहीं। वहीं आंदोलन के मद्देनजर प्रभावित क्षेत्रों के लिए रवाना होने वाली रोडवेज बसों की सेवा दिनभर प्रभावित हुई।
भारत बंद के कारण कई रूटों से बसें देरी से गुरुग्राम पहुंचीं। आगरा, मथुरा, अलीगढ़, पलवल के रूटों पर बस सेवा पूरी तरह प्रभावित रही। इन रूटों पर सुबह के बाद बसों को नहीं भेजा गया। मथुरा के लिए पलवल होते हुए रवाना हुई बस भी गुरुग्राम लौटी, जिसके यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। वहीं इंद्री और बादली के रूटों पर भी बसों का संचालन दिनभर प्रभावित रहा। हिसार के लिए बस को रवाना नहीं किया गया। हालांकि रोहतक और बहादुरगढ़ तक सेवा सामान्य रही, लेकिन रोहतक से बसें कम संख्या में ही गुरुग्राम पहुंचीं। रोडवेज बस अड्डे पर सामान्य दिनों की अपेक्षा 20 फीसदी ही यात्री पहुंचे।
भारत बंद के ऐलान को देखते हुए लोगों में सरकारी बसों के संचालन को लेकर असमंजस बना रहा। वहीं डीटीसी बस सेवा बंद होने की वजह से भी लोगों को दिल्ली पहुंचने के लिए परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों ने अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए सरकारी बसों से ज्यादा निजी बसों का सहारा लिया। निजी बसों में भीड़ सामान्य बनी रही।
रोडवेज बस सेवा सामान्य रही। सभी रूटों पर बसों को भेजा गया। आगरा, पलवल के रूट प्रभावित रहे।- सुमन भाखर, जीएम, रोडवेज
निजी बसों पर भारत बंद का कोई असर नहीं रहा। सभी रूटों पर बसें सामान्य चलीं। कहीं भी किसी तरह की कोई परेशानी नहीं आई। हालांकि सभी कंडक्टर और ड्राइवरों को आंदोलन में फंसने पर स्थिति के अनुसार निर्णय लेने के लिए कहा गया।- पुष्पेंद्र, निजी बस संचालक
यात्रियों की प्रतिक्रिया
कैथल जाना था, लेकिन बस स्टैंड पर कैथल के लिए कोई बस नजर नहीं आई।- शिव दयाल शर्मा
पलवल के लिए जाना था, लेकिन इस बारे में कोई जानकारी नहीं मिल पाई।- राकेश
सोशल मीडिया के माध्यम से ली मेट्रो सेवाओं की जानकारी
किसान आंदोलन के मद्देनजर जहां मेट्रो सेवा बीच में प्रभावित रही थी, वहीं भारत बंद के दौरान सेवा बहाल रही। हालांकि लोगों को मेट्रो सेवा के किसी भी समय प्रभावित होने का डर बना रहा, जिसकी वजह से कम ही यात्री मेट्रो स्टेशनों पर नजर आए। लोग सोशल मीडिया के माध्यम से मेट्रो सेवाओं के संबंध में जानकारी लेते रहे। वहीं दूसरी और कैब और ऑटो संचालक भी दिनभर यात्रियों के इंतजार में बैठे रहे। शहर के भीतर भी कम ही संख्या में लोग बाहर जाने के लिए निकले। वहीं कैब संचालक रागिनी ने बताया कि उन्हें ज्यादा यात्रियों की उम्मीद थी। वहीं अन्य दिनों के मुकाबले लोग कम आए। वहीं आदर्श ने बताया कि दिल्ली के लिए जाने वाले यात्री भी अन्य दिनों से कम रहे हैं।