नगर निगम ने कराया सर्वे, गड्ढों में पानी भर जाने के कारण लगातार हादसे हो रहे
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। मानसून की बारिश में शहर की सड़कें बह गईं हैं। घटिया गुणवत्ता और ड्रेनेज नेटवर्क न होने की दोहरी मार के कारण सड़कों पर दो हजार से ज्यादा गड्ढे लोगों को जख्म दे रहे हैं। इन गड्ढों में पानी भर जाने के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं जिससे लोगों को जिंदगी भर का जख्म मिल रहा है वहीं जिम्मेदारों ने इनकी मरम्मत में लापरवाही भी बरती है। नगर निगम के सर्वे में यह खुलासा हुआ।
नगर निगम ने शहर की सड़कों का सर्वे कराया तो 8 जोन में 2 हजार से ज्यादा गड्ढे पाए गए। नगर निगम की ओर अब तक 387 गड्ढों को भरा जा चुका है जबकि 1618 गड्ढाें को भरने के लिए 20 सितंबर से 30 सितंबर तक समय तय किया गया है। नगर निगम के चीफ इंजीनियर ने सभी जोन के इंजीनियरों को सड़क को ठीक करने का काम तेज करने का आदेश दिया है। इन्हें ठीक करने का काम नगर निगम ने अलग-अलग आठ डिवीजन को सौंपा है। सर्वे के अनुसार सबसे अधिक सड़कों पर 600 गड्ढे डिविजन-2बी में हैं जबकि सबसे कम 80 गड्ढे डिविजन-3बी में हैं।
इन सड़कों पर इतने गड्ढे
: डिविजन 1ए में सड़कों पर 172 गड्ढे हैं। 40 गड्ढे भरे जा चुके हैं। 132 गड्ढे भरे जाने हैं।
: डिविजन 1बी में सड़कों पर 367 गड्ढे हैं। 35 गड्ढे भरे जा चुके हैं। 332 गड्ढे भरे जाने हैं।
: डिविजन 2ए में सड़कों पर 195 गड्ढे हैं। 80 गड्ढे भरे जा चुके हैं। 115 गड्ढे भरे जाने हैं।
: डिविजन 2बी में सड़कों पर 600 गड्ढे हैं। 120 गड्ढे भरे जा चुके हैं। 480 गड्ढे भरे जाने हैं।
: डिविजन 3ए में सड़कों पर 105 गड्ढे हैं। 19 गड्ढे भरे जा चुके हैं। 86 गड्ढे भरे जाने हैं।
: डिविजन 3बी में सड़कों पर 82 गड्ढे हैं। 8 गड्ढे भरे जा चुके हैं। 74 गड्ढे भरे जाने हैं।
: डिविजन 4ए में सड़कों पर 315 गड्ढे हैं। 82 गड्ढे भरे जा चुके हैं। 233 गड्ढे भरे जाने हैं।
: डिविजन 4बी में सड़कों पर 169 गड्ढे हैं। 3 गड्ढे भरे जा चुके हैं। 166 गड्ढे भरे जाने हैं।
: सर्वे के दौरान 379 खुले मैनहोल मिले थे। इनमें 40 को ठीक करने का काम अभी लंबित है।
प्रदूषण से निपटने की सलाह देंगी कंपनियां, 12 लाख का खर्च
वायु गुणवत्ता प्रभावित करने वाले कारणों को समय से जानने व उसके निपटारे के लिए नगर निगम चारों जोन में चार सलाहकार कंपनियों की मदद लेगा। इस पर 12 लाख रुपये खर्च होंगे। निगम ने चारों जोन में सलाहकार कंपनियों को जिम्मेदारी दी है। यह कंपनियां क्षेत्र की सर्वे रिपोर्ट रोजाना निगम को देंगी। निगम इसके आधार पर त्वरित समाधान करेगा। अक्तूबर के बाद वायु गुणवत्ता पर असर दिखने लगता है। नगर निगम प्रभावित करने वाले कारणों को जानकर समस्या का निदान करेगा।
बारिश के दौरान सड़कों पर हुए गड्ढों को भरने का काम शुरू हो चुका है। सभी डिवीजन के इंजीनियरों को 20 से 30 सितंबर के बीच काम पूरा करने का आदेश दिया गया है।
- विजय ढाका, चीफ इंजीनियर नगर निगम, गुरुग्राम