गुरुग्राम। सुनारिया जेल में दुष्कर्म की सजा काट रहा राम रहीम सात गाड़ियों के काफिले के साथ गुरुग्राम के मेफील्ड गार्डन स्थित डेरे में सोेमवार की शाम पांच बजे पहुंचा। राम रहीम को रोहतक के मंडलायुक्त ने 21 दिन का फरलो दिया है। अदालत के आदेश के चलते उसे कड़ी सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है। कमिश्नरी की पुलिस ने सुरक्षा में 300 से अधिक जवानों को तैनात किया है। जिसका पर्यवेक्षण डीसीपी ईस्ट और एसीपी सदर कर रहे हैं। इस दौरान किसी भी प्रकार के कार्यक्रम का आयोजन नहीं किया जा सकेगा।
राम रहीम सोमवार दोपहर 3.25 बजे सुनारिया जेल से गुरुग्राम के लिए रवाना हुआ। उसके हाथ में एक थैला था। बाहर निकलने के बाद परिजन उसे अपनी गाड़ी में बैठा कर गुरुग्राम के लिए रवाना हो गए। उसके साथ रोहतक पुलिस के डीएसपी भी मौजूद रहे। उसे केएमपी के रास्ते गुरुग्राम लाया गया। फर्रुखनगर थाना क्षेत्र में घुसते ही कमिश्नरी की पुलिस भी सुरक्षा की दृष्टि से काफिले में शामिल हो गई। पांच बजे उसे गुरुग्राम स्थित साउथ सिटी के डेरे में लाया गया। काफिले की दो गाड़ियां डेरे में पहुंच गईं। उसके बाद गेट बंद हो गया। पुलिस आयुक्त केके राव के अनुसार सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस तैनात कर दी गई है। मौके पर तीन शिफ्टों में 100-100 पुलिसकर्मी और क्यूआरटी तैनात हैं। राम रहीम 28 फरवरी को दोपहर साढ़े तीन बजे के बाद सुनारिया जेल भेज दिया जाएगा।
पांच दिन से चल रही थी प्रक्रिया
पांच दिन पहले राम रहीम को परिवार से मिलने के लिए वकील की ओर से मंडलायुक्त रोहतक पंकज यादव के यहां आवेदन किया गया था। जिसके बाद उन्होंने जिला उपायुक्त गुरुग्राम डॉ. यश गर्ग से उसके गुरुग्राम के पते का सत्यापन और कानून व्यवस्था के बारे में जानकारी मांगी। इस मामले में जिला उपायुक्त गुरुग्राम ने पुलिस आयुक्त से रिपोर्ट लेकर रोहतक मंडलायुक्त को भेजी थी। उसी के बाद 21 दिन का फरलो मंजूर हुआ है।