डीसी ने वर्षा जल संचयन एवं भूजल पुनर्भरण का पालन करने के निर्देश दिए
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा सोसाइटियों में स्थापित रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए डीसी अजय कुमार ने लघु सचिवालय में विभिन्न आरडब्ल्यूए के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग) एवं भूजल पुनर्भरण (ग्राउंड वाटर रिचार्ज) का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए।
डीसी अजय कुमार ने कहा कि जिन भवनों की छत का क्षेत्रफल 100 वर्ग मीटर या उससे अधिक है वहां वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित करना अनिवार्य है। इसी प्रकार 500 वर्ग मीटर या उससे बड़े भूखंडों, ग्रुप हाउसिंग सोसाइटीज़ और सभी प्रकार की इमारतों में भूजल पुनर्भरण की व्यवस्था करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इन नियमों को सख्ती से लागू करने का निर्णय लिया है ताकि जिले में गिरते जलस्तर को रोका जा सके।
डीसी ने स्पष्ट किया कि जहां-जहां रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम सुचारु रूप से कार्य नहीं कर रहे हैं वहां जीएमडीए, नगर निगम तथा अन्य संबंधित एजेंसियां सहयोग करेंगी। ये एजेंसियां निरीक्षण कर संबंधित आरडब्ल्यूए को आवश्यक सुझाव देंगी ताकि इन प्रणालियों को पुनः संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है बल्कि इसके लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
डीसी ने कहा कि गुरुग्राम शहर और उसके आसपास के क्षेत्र में भूजल संसाधन को और कम होने से बचाने के लिए वर्षा जल संचयन संरचनाओं के समुचित कार्य को सुनिश्चित करना आवश्यक है जिसमें रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग स्ट्रक्चर भी शामिल है। निर्माण कार्य के दौरान इन प्रणालियों को इस तरह बनाया जाए कि केवल स्वच्छ वर्षा जल ही संग्रहित और उपयोग हो सके तथा दूषित या अपशिष्ट जल इसमें प्रवेश न कर पाए। बैठक में आरडब्ल्यूए प्रतिनिधियों ने आश्वासन दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और लोगों को जागरूक करने के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।