अटल भूजल योजना के तहत गांवों में लगाए जा रहे क्यूआर कोड
भूजल स्तर के प्रति जागरुकता के लिए उठाया जा रहा कदम
मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। जिले में गिरते भू-जल स्तर के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए अटल भूजल योजना के तहत गांवों में क्यूआर कोड लगवाए जा रहे हैं। क्यूआर कोड स्कैन करने पर संबंधित गांव के भूजल स्तर, गांव की जनसंख्या, सरपंच समेत अन्य जानकारी मिलेगी।
जिले के 153 गांवाें के सरकारी स्कूलों, पंचायत भवन और आंगनबाड़ी सेंटरों पर लगाए जा रहे हैं। सिंचाई विभाग के तत्वाधान में अटल भूजल कार्यक्रम चलाया जा रहा है। केंद्र सरकार ने इस अभियान की शुरुआत 25 दिसंबर 2019 को की थी। जिसका उद्देश्य वर्षा जल का संग्रह करना, भूजल स्तर को ऊंचा उठाना और पानी को व्यर्थ बहाए जाने से रोकना है। इसके लिए चयनित गांवों में कई प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं। इसमें भूजल की मॉनिटरिंग, तालाबों का जीर्णोद्धार कराने और नहरों से जोड़ने समेत अन्य कार्य शामिल हैं। जिससे भू-जल का दोहन कम हो और जल स्तर में सुधार किया जा सके। वहीं, पानी बचाने के लिए लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है।
फर्रुखनगर ब्लॉक में 74.54 फुट, पटौदी में 110.82 फुट और सोहना में 66.84 फुट पर पर भूजल का स्तर है। गांव मोकलवास में 178 फुट, फकरपुर में 184 फुट व हरियाहेड़ी में 211 फुट तक भूजल स्तर जा चुका है। जबकि, गांव इकबालपुर, बाराहेरी रहमान व सिलानी में पानी का स्तर ऊपर है। बतादें कि केंद्रीय भूजल बोर्ड ने शहर को वर्ष 2013 में डार्क जोन के रूप में वर्गीकृत किया है। ग्राउंड वाटर की एक रिपोर्ट के अनुसार 1974 में शहर में औसत भूजल स्तर 6.64 मीटर था, जो 2006 में गिरकर 19.85 मीटर और 2014 में 26.3 मीटर हो गया। जबकि 2021 में 36.99 मीटर पर चला गया था।
क्यूआर कोड स्कैन करने पर मिलेगी यह जानकारी
जिले के नाम, ब्लॉक का नाम, गांव की जनसंख्या, ग्राम पंचायत एरिया, खेती योग्य जमीन, सिंचाई योग्य जमीन, सरपंच का नाम, भूजल सहेली का नाम, पानी की उपलब्धता समेत अन्य जानकारियां शामिल हैं। जिले के 153 गांवाें के सरकारी स्कूलों, पंचायत भवन और आंगनबाड़ी सेंटरों पर लगाए जा रहे हैं। अभी पेपर प्रिंट कर सरकारी भवनों पर लगाए जा रहे हैं और बाद में स्थाई रूप से लगवाया जाएगा।
वर्जन:
अटल भूजल योजना के तहत गांवों में पानी संचयन पर जोर है। इसके लिए भूजल, नलकूप, वर्षा जल संचयन, तालाबों के रखरखाव समेत अन्य कार्य हो रहे हैं। भूजल स्तर जानने के लिए पीजोमीटर लगे हैं। कई गांवों में क्यूआर कोड लग चुके हैं। लोग मोबाइल पर ग्राउंड वाटर समेत पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। -मनीष चितकारा, कार्यकारी अभियंता सिंचाई विभाग