मानेसर। गेहूं पकाई के सीजन में पर्याप्त बिजली न मिलने से किसानों की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। चौदह घंटे बिजली उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा है लेकिन चार घंटे भी नहीं मिल रही है। इसके कारण किसानों को खेती पिछड़ने की चिंता सताने लगी है।
किसानों ने इस बारे में अधिकारियों को अवगत कराया लेकिन विद्युत आपूर्ति मेें सुधार नहीं हो सका है। सरपंच मोकलवास मनोज ने बताया कि मानेसर विद्युत बोर्ड से दर्जनों गांवों को बिजली आपूर्ति की जाती है। यहां आए दिन खराबी और अघोषित कटौती से कृषि कार्य प्रभावित होने से किसानों में नाराजगी है। बिजली बोर्ड के यूनिट प्रधान सतेंद्र ने बताया कि शेड्यूल के हिसाब से लोगों को बिजली दी जा रही है। फिर भी दिक्कत होती है तो समाधान करवाने की कोशिश करेंगे।
कम बिजली मिलने से सिंचाई का कार्य नहीं हो पा रहा है। बिजली की आंखमिचौली से एक बीघे खेत की सिंचाई करने में कई दिन लग जा रहे हैं। अधिक समय लगने से धन और पैसे दोनों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यही हाल रहा तो गेहूं की फसल पिछड़ना तय लग रहा है।
- कमल, मोकलवास
पंपिंग सेट से सिंचाई करना सभी के वश की बात नहीं है। समस्याओं का समाधान अविलंब नहीं किया गया तो हम लोग नया बिजली आंदोलन करने के लिए बाध्य हो जाएंगे।
- बिरम, मोकलवास
फसलें पकने को हैं ऐसे में बिना बिजली सिंचाई न होने से फसल का नाश हो जाएगा। इतने दिन की मेहनत पूरी खराब हो जाएगी।
- जितेंद्र, मोकलवास
गेहूं की फसल पर ही परिवार का दारमदार है यही ठीक नहीं तो भविष्य अंधकार में दिखाई दे रहा है।
-वेद प्रकाश, मोकलवास