गुरुग्राम। फिरोजगांधी कॉलोनी में सोमवार को हुए डेयरी संचालक मनीष हत्याकांड में हत्या आरोपी की गिरफ्तारी तो दूर पुलिस को दूसरे दिन भी कोई सुराग हाथ नहीं लग पाया। पुलिस बदमाशों तक पहुंचने के लिए स्थानीय लोगों से भी पूछताछ कर रही है। इसमें ये बात सामने आई है कि गोली मारने से पहले बदमाश कई दिन से रेकी कर रहे थे।
पुलिस को मिली सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, बदमाश अपनी बाइक थोड़ी दूर पर खड़ी करके वहां पहले से इंतजार कर रहे थे। इसके बाद जैसे ही मनीष गाड़ी में बैठा वैसे ही बदमाशों ने उसकी गाड़ी पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इससे मौके पर ही मनीष की मौत हो गई। वहीं पुलिस अभी फोरेंसिक रिपोर्ट का भी इंतजार कर रही है।
एसीपी (क्राइम) प्रीतपाल ने बताया है कि पुलिस इस हत्या में अलग-अलग एंगलों से जांच कर रही है। मनीष का किसी से आपसी रंजिश होना या किसी महिला के संपर्क में होना इन सभी बातों को ध्यान में रख कर जांच की जा रही है। वहीं, पुलिस उसके दोस्त अधिवक्ता शिवजीत के एंगल से भी जांच कर रही है।
काफी नजदीक से बरसाई थीं गोलियां
एसीपी का कहना है कि बदमाश अगर शिवजीत को मारने आए होते तो वह दो चार गोलियां ही चलाते, क्योंकि वह मनीष पर काफी नजदीक से गोलियां बरसा रहे थे, तो उन्हें चेहरा पहचानने में गलती नहीं हुई होगी। पुलिस को आशंका है कि हत्यारों ने जिस तरह से रेकी करके अंधाधुंध गोलियां चलाईं हैं। उससे यह स्पष्ट हो होता है कि बदमाश डेयरी संचालक मनीष को ही मारने आये थे। जबकि वहीं, परिजनों का कहना है कि मनीष से किसी की आपसी रंजिश नहीं थी। वह सबसे अच्छे से व्यवहार रखता था।
हत्यारे किराए के शूटर तो नहीं
पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी के मुताबिक, डेयरी संचालक मनीष पर जिस तरह से फायरिंग की गई है। उससे यही लग रहा है कि गोली चलाने वाले बदमाश किसी गैंग से जुड़े हुए शार्प शूटर लग रहे हैं। आसपास के लोगों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में जिस हुलिया के हत्यारे दिखाई दे रहे हैं। वैसे ही युवक बाइक तथा अन्य गाड़ी के साथ जूस की दुकान के आसपास खड़े थे। जैसे ही मनीष एक्सयूवी में बैठा, उसी समय दोनों हत्यारों ने पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
जिले में वरदात करने वाले गैंगों को तलाश रही पुलिस
एसीपी ने बताया है कि एनसीआर, हरियाणा के आसपास के इलाकों में इस तरह की बड़ी वारदात को अंजाम देने वाले गैंग की भी तलाश की जा रही है। इस हत्याकांड में किसी गैंग का हाथ होगा तो उसे भी जल्द सामने लाया जाएगा। वहीं, उन्होंने यह भी बताया है कि हत्या के पीछे का कारण भी पता किया जा रहा है। सीसीटीवी के आधार पर सुराग निकाल रहे हैं।
ये था मामला
सोमवार दोपहर करीब 11 बजकर 30 मिनट पर डेयरी संचालक मनीष अपने दोस्त अधिवक्ता शिवजीत के घर पहुंचे। वहां से उन्होंने मार्केट से पशु आहार लेने जाने के लिए एक्सयूवी- 500 की चाभी ली। जिसके बाद वह जाकर बैठे ही थे कि दो बदमाशों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद बदमाश पैदल ही वहां से फरार हो गए।
जेल से छूटे हत्या आरोपियों पर भी नजर
पुलिस गुरुग्राम के अलावा एनसीआर तथा हरियाणा के अन्य जिलों से रिहा हुए शूटरों के बारे में जानकारी कर रही हैं। यह पता किया जा रहा है कि जिस स्टाइल में मनीष की हत्या की है। उसी स्टाइल में हत्या करने वाला बदमाश जेल से रिहा तो नहीं हुआ है। क्योंकि हत्या करने वाला कोई शूटर ही हो सकता है।