पिछले साल जून के महीने में सर्वाधिक 2318 मेगावाट की हुई थी खपत
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। निगम आने वाले दिनों में बिजली की बढ़ती हुई मांग से निपटने की तैयारी में जुटा है। बिजली के तारों और पोल के साथ लगे पेड़ों की कटाई, ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने, कटे- फटे 11 केबल को बदलने का काम शुरू कर दिया गया। पिछले साल गर्मी के मौसम में बिजली निगम की रिकॉर्ड मांग हुई थी। जून के महीने में 2318 मेगावाट तक बिजली की मांग पहुंच गई थी। इसमें सर्किल टू में 1318 मेगावाट और सर्किल वन में 1000 मेगावाट की मांग शामिल है।
पिछले साल ओवरलोडेड बिजली घरों को गर्मी से बचाने के लिए बिजली निगम को कूलर लगाने पड़े थे। ऐसा पहली बार हुआ था जब दौलताबाद सबस्टेशन और बादशाहपुर सबस्टेशन में कूलर लगाने की जरूरत पड़ी थी। बिजली निगम ऐसी जरूरतों की तैयारी में भी है। अधिकारियों ने बताया कि सेक्टर-37 में बन रहे 66 केवी सबस्टेशन को गर्मी से पहले शुरू कर दिया जाएगा। इससे सेक्टर 10ए के ओवरलोडेड सबस्टेशन को राहत मिलेगी। सेक्टर 107 का सबस्टेशन भी गर्मी से पहले शुरू हो जाएगा।
ग्रामीण क्षेत्रों में सुधारी जा रही व्यवस्था
फर्रुखनगर और पटौदी में 3 नए 33 केवी सबस्टेशन पर कार्य चल रहे हैं। इसमें शिवाड़ी, जसात और दौलताबाद (पटौदी) का सबस्टेशन शामिल है। ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर आपूर्ति के लिए ट्रांसफार्मरों के क्षमता विस्तार किया जाना है।
ट्रांसफार्मरों में क्षमता विस्तार
सर्किल वन क्षेत्र में करीब 800 ट्रांसफार्मरों का क्षमता विस्तार या बदला जाना है। महरौली रोड में नया ट्रांसफार्मर लगाया जाना है। शहरी क्षेत्र के 63 केवीए ट्रांसफार्मरों को 100 केवीए क्षमता में अपग्रेड किया जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष में ओवरलोडेड फीडरों और ट्रांसफार्मरों के दोहरी करण की योजना को मार्च से पहले पूरा करने की कवायद में निगम जुटा है।
आईएमटी में तीन नए ट्रांसफार्मर
हरसरु, आईएमटी मानेसर सेक्टर -2, सेक्टर -3 और सेक्टर 4 के 12.5 केवीए क्षमता के ट्रांसफार्मर को 31.5 केवीए क्षमता का विस्तार होगा। आईएमटी, कादीपुर, न्यू पालम विहार जैसे सबडिविजन जहां से गर्मियों में सबसे ज्यादा शिकायतें आती है, बिजली निगम वहां केबल बदलने, पेड़ों की छंटाई और ट्रांसफार्मर की क्षमता विस्तार में जुटा है। शीतला कॉलोनी, न्यू पालम विहार, लक्ष्मण विहार आदि ज्यादा शिकायतों वाले इलाकों पर बिजली निगम का ध्यान है।
आरडीएसएस स्कीम के तहत बदलेंगे कंडक्टर
बादशाहपुर सबडिविजन में केंद्र सरकार की रिवैम्पड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत 12 फीडरों के कंडक्टर बदलने के टेंडर हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार गर्मी से पहले ये कार्य होना है। बादशाहपुर के एक बड़े इलाके को इसका फायदा होगा।
गर्मियों को लेकर ट्रांसफार्मरों और फीडरों के क्षमता विस्तार, पेड़ों की छंटाई आदि कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। ओवरलोडेड इंफ्रास्ट्रक्चर के भार का बंटवारा कर सिस्टम के मेंटनेंस का काम चल रहा है। स्मार्ट ग्रिड के तहत जहां काम पूरे हो गए हैं, वहां समस्याएं वैसे भी कम होंगी। गर्मी में पावर कट न हो इसकी पूरी कोशिश है। - वीके अग्रवाल, मुख्य अभियंता डीएचबीवीएन