गुरुग्राम। फास्टैग व्यवस्था लागू होने के बाद शुक्रवार को लगातार चौथे दिन खेड़कीदौला टोल प्लाजा पर जाम की स्थिति बनी रही। सुबह व शाम के समय वाहनों का लंबा जाम रहा। इस दौरान वाहन चालक खासे परेशान नजर आए। नए फास्टैग की खराब गुणवत्ता व फास्टैग की ब्लैक लिस्टिंग इसकी बड़ी वजह है। हैरान-परेशान वाहन चालकों ने बताया कि फास्टैग व्यवस्था लागू होने के बाद उनको उम्मीद थी कि जाम से पूरी तरह निजात मिलेगी, लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा है।
जयपुर की तरफ से आने वाले वाहन चालक राजवीर ने बताया कि वह सप्ताह में दो दिन दिल्ली-जयपुर हाईवे से आवाजाही करते हैं और हमेशा जाम में फंसते हैं। एक अन्य वाहन चालक रमेश ने बताया कि वह तो सिर्फ मानेसर तक ही जाते हैं, लेकिन सुबह व शाम के समय उनको जाम से जूझना पड़ता है। शुक्रवार को भी खेड़कीदौला टोल पर सुबह व शाम के समय वाहनों का एक-दो किलोमीटर लंबा जाम रहा। इस दौरान कुछ वाहन तो फास्टैग के चलते महज 2-5 सेकेंड में ही निकल जा रहे थे, जबकि कई वाहनों में फास्टैग रीडिंमें समस्या के चलते 5 मिनट तक रुकना पड़ रहा था। शुक्रवार को भी अधिकांश बड़े वाहनों में लगे फास्टैग स्टिकर की मैनुअली रीडिंग की गई। वहीं, एंबुलेंस के आने पर उनको निकालने के चक्कर में कई वाहनों को टोल से छूट मिल रही थी।
पुराने व घिसे स्टिकर को रीड नहीं कर पा रहा ऑटोमैटिक स्कैनर
शत-प्रतिशत फास्टैग व्यवस्था लागू होने के बावजूद जाम की स्थिति में सुधार न होने के पीछे तीन बड़ी वजहें हैं। वाहन चालकों व टोल कर्मियों के मुताबिक, नए फास्टैग की गुणवत्ता बेहतर न होने के कारण रीडिंग में समस्या आ रही है, वहीं कई वाहनों में लगे फास्टैग स्टिकर पुराने व घिसे होने के कारण ऑटोमैटिक स्कैनर उनको भी नहीं रीड कर पा रहा है। ऐसे में टोल कर्मियों को ऐसे फास्टैग की मशीन से मैनुअली रीडिंग करनी पड़ रही है। इसके अलावा फास्टैग की ब्लैक लिस्टिंग भी एक बड़ी वजह है। दरअसल खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण टोल प्लाजा से गुजरने के दौरान ऐसे फास्टैग को ब्लैकलिस्ट कर दिया जा रहा है। इसको लेकर कई मिनट तक वाहन चालकों को टोल गेट पर ही खड़े होना पड़ रहा है।