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प्रदूषण ने पकड़ी रफ्तार, एक्यूआई@378

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गुरुग्राम। शहर में प्रदूषण बेतहाशा रफ्तार पकड़ चुका है, बावजूद इसके अब तक धूलभरी सड़कों पर पानी के छिड़काव को लेकर कुछ भी नहीं किया जा रहा है। स्थिति यह है कि बृहस्पतिवार को दिन भर शहर में स्मॉग छाया रहा और सूर्य देवता के दर्शन नहीं हुए, जिससे प्रदूषण काफी बढ़ गया। यहां तक कि एक्यूआई में ही एक दिन पहले के मुकाबले बृहस्पतिवार को 38 अंकों की बढ़ोतरी हो गई और शहर का समग्र एक्यूआई 378 पर पहुंच गया।
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इसके बावजूद सोहना रोड, सेक्टर-10 व फर्रूखनगर रोड समेत कई सड़कें ऐसी हैं, जो खस्ताहाल हैं और इन पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। इनसे उड़ने वाली धूल के चलते प्रदूषण बढ़ रहा है। प्रदूषण की बढ़ोतरी के लिए जिम्मेदार इन सड़कों पर पानी के छिड़काव के लिए नगर निगम प्रशासन कोई कदम नहीं उठा रहा है। हालात इतने दयनीय हैं कि प्रदूषण बढ़ने के बावजूद निगम आयुक्त, जिला उपायुक्त की तरफ से ग्रेप (ग्रेडेड रिस्पांस ऐक्शन प्लान) के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा तक नहीं की जा रही है। नतीजा यह है कि जिम्मेदार अधिकारी भी चैन की नींद सो रहे हैं।
निर्माण कार्यों पर भी पानी का छिड़काव नहीं
यहां तक कि जहां पर सड़कों व अंडरपास का निर्माण चल रहा है, वहां तक पानी का नियमित रूप से छिड़काव नहीं किया जा रहा है। महावीर चौक अंडरपास व सोहना रोड पर हो रहे निर्माण के चलते व्यापक स्तर पर धूल उड़ रही है लेकिन यहां पर नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है। ग्रेप के मुताबिक न सिर्फ धूल भरी सड़कों पर पानी का छिड़काव कराया जाना है बल्कि पेड़-पौधों पर भी पानी का छिड़काव कराया जाना है ताकि धूल को जमने से रोका जा सके। वहीं, खुले में निर्माण सामग्री व डीजल जनरेटर पर भी रोक है लेकिन इन तमाम नियमों का पालन नहीं कराया जा रहा है।
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एचएसपीसीबी भी नहीं दे रहा ध्यान
वहीं, इस बार प्रदूषण बढ़ने के बावजूद हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एचएसपीसीबी) समर्पण की मुद्रा में नजर आ रहा है। एचएसपीसीबी की तरफ से एंटी स्मॉग गन समेत अन्य मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हर साल उच्च स्तर से निर्माण स्थलों पर पानी का छिड़काव करने के लिए एंटी स्मॉग गन लगाने के निर्देश मिलते हैं, बावजूद इसके निचले स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की जाती। हालांकि, इस बारे में पूछने पर एचएसपीसीबी के क्षेत्रीय अधिकारी कुलदीप सिंह ने बताया कि सभी निर्माण स्थलों पर धूल को उड़ने से रोकने के लिए एंटी स्मॉग गन लगाने के लिए निर्देशित किया जा रहा है।
इन इलाकों में इतना रहा प्रदूषण
सेक्टर-51 : 403
ग्वाल पहाड़ी : 384
टेरी ग्राम : 346
आईएमटी मानेसर : 399
प्रदूषित वातावरण न केवल किसी रोगी बल्कि एक स्वस्थ व्यक्ति के लिए भी जोखिम भरा होता है। ऐसे में बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। प्रदूषित वातावरण में जाते ही अस्थमा के रोगियों को सांस की तकलीफ, बुजुर्गों में लगातार खांसी की समस्या शुरू हो सकती है। वहीं, पहले से श्वसन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों में सांस की तकलीफ बढ़ने व हृदय के संचालन पर दबाव पड़ने के चलते समस्या बढ़ सकती है। ऐसे में अस्थमा, सीओपीडी के रोगी व बुजुर्ग सुबह की सैर से परहेज करें।
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- डॉ. शीबा कल्याण बिस्वाल, कंसल्टेंट, नारायणा अस्पताल
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