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Gurugram News: लोगों का दम घोटने लगी प्रदूषित हवा

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दिल्ली-एनसीआर के पांच प्रमुख शहरों में गुरुग्राम का एक्यूआई रहा सबसे ज्यादा



370 दर्ज किया गया वायु गुणवत्ता सूचकांक



संवाद न्यूज एजेंसी



गुरुग्राम। दिवाली के ठीक अगले दिन यानी मंगलवार को गुरुग्राम की हवा दमघोंटू स्थिति में पहुंच गई है। शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 370 दर्ज किया गया जो अत्यंत गंभीर श्रेणी में आता है।

दिल्ली-एनसीआर के पांच प्रमुख शहरों में गुरुग्राम सबसे प्रदूषित शहर के रूप में सामने आया है। दिवाली की रात जमकर हुई आतिशबाजी के बाद सड़कों पर बिखरे पटाखों के अवशेष और हवा में फैले धुएं ने शहर को घने स्मॉग की चादर में लपेट लिया। आसमान में फैली धुंधली परत ने त्योहार की चमक के साथ प्रदूषण की चिंता भी बढ़ा दी है। लोगों को सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन और गले में खराश जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
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एनसीआर में एक्यूआई



गुरुग्राम 370

दिल्ली 351



गाजियाबाद 324

नोएडा 320



फरीदाबाद 268



सुबह के समय कम रही दृश्यता

विशेषज्ञों का मानना है कि दिवाली की रात जमकर हुई आतिशबाजी, खुले में जलाए गए पटाखों और मौसम में नमी के चलते प्रदूषण का स्तर बेहद खतरनाक हो गया है। शहर में एक्यूआई पता करने के लिए चार स्टेशन लगे हुए हैं लेकिन एक अभी भी बंद है। तीन स्टेशन से ही एक्यूआई जारी हुआ है। दिवाली के बाद सड़कों पर पटाखों के अवशेष और वातावरण में फैला धुआं शहर में घने स्मॉग की चादर बना चुका है। सुबह के समय विजिबिलिटी भी कम देखी गई, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को घर से कम निकलने, मास्क पहनने और बच्चों-बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। प्रशासन की ओर से अभी तक किसी बड़े नियंत्रणात्मक कदम की घोषणा नहीं हुई है लेकिन आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे निजी स्तर पर सावधानी बरतें और प्रदूषण को कम करने में सहयोग करें।
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वायु गुणवत्ता सूचकांक की श्रेणियां

0-50 : अच्छा



51-100 : संतोषजनक



101-200 : मध्यम



201-300 : खराब



301-400 : बहुत खराब



401-500 : गंभीर





लोगों से मास्क लगाने की अपील

पीएम 2.5 और पीएम 10 बेहद सूक्ष्म कण होते हैं जो सांस के जरिये सीधे फेफड़ों तक पहुंच सकते हैं। ये कण हवा में प्रदूषण का प्रमुख कारण हैं और अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकते हैं। दिवाली के बाद इनकी मात्रा सामान्य से कई गुना बढ़ गई है। चिकित्सकों ने लोगों से मास्क लगाने की अपील की है ताकि इन खतरनाक कणों से बचाव किया जा सके।
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