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अब पुलिस की नजर से नहीं बच सकेंगे जिले की अपराधी

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गुरुग्राम। जिले में संगठित अपराधों पर नकेल कसने के लिए गुरुग्राम पुलिस आयुक्त केके राव ने केंद्रीकृत योजना के तहत पुलिस पीसीआर, राइडर और नाकों की लोकेशन तय की है। इसमें ढाई हजार पुलिसकर्मियों को 61 जगह स्थित नाकों पर लगाया है। इन सभी को जियो मैपिंग के माध्यम से पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है।
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पुलिस आयुक्त राव का कहना है कि इस प्रयोग से वारदात के बाद भागने वाले आरोपियों को आसानी से पकड़ा जा सकेगा। इसके अलावा ऐसे सभी स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी भी लोगों को दिखाई देगी। इन सभी पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश दिए जाने के अलावा सभी जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। पिछले काफी समय से चोरी, लूट, झपटमारी की वारदात में पुलिस ने इनकी लोकेशन का पता किया और इसके बाद बदमाशों की लोकेशन के हिसाब से पुलिस ने इसका पूरा डाटा बेस तैयार किया है।
इसके अलावा कोरोना काल में अपराधों को अंजाम देने के तरीकों के मद़्देनजर गुरुग्राम पुलिस ने इस योजना को अमलीजामा पहनाया है। इसके लिए जिले को दो भागों में बांटा गया है। आउटर कार्डन व इनर कार्डन के माध्यम से 8-8 घंटे की तीन शिफ्ट में ढाई हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। जिन्हें उनकी योग्यता के आधार पर आउटर और इनर कार्डन में रखा गया है। इसमें 79 पीसीआर, 123 राइडर व 61 नाके लगाए गए हैं।
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जहां सभी पुलिसकर्मियों का साप्ताहिक अवकाश भी सुनिश्चित किया गया है। पुलिस पीसीआर व राइडर को जीपीएस के माध्यम से पुलिस कंट्रोल रूम से जोड़ दिया गया है। अगर कोई पीसीआर अपने निर्धारित क्षेत्र से बाहर जाती है तो कंट्रोल रूम में सायरन बज जाएगा। इन पुलिसकर्मियों को समय-समय पर ड्यूटी ऑफिसर द्वारा जांच की जिम्मेदारी भी लगाई गई। जो ड्यूटी पऱ्र तैनात पुलिसकर्मियों को जरूरी जानकारियां भी देंगे।
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