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Gurugram News: बारिश के दौरान पोल में करंट उतरने से बचाने के लिए निगम ने की कवायद

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1600 पोल को छह फीट तक पाइपों से किया जाएगा कवर
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जलभराव वाले स्थानों को भी किया जा रहा चिह्नित, ताकि चालक को पहले ही खतरे पता चल जाए
निगम ने पार्षदों से बिजली के पोल में करंट उतरने वाले पोल का ब्योरा मांगा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बारिश के दौरान पोल में करंट उतरने और जलभराव में डूबने से बचाने के लिए नगर निगम ने तैयारियां शुरू कर दी है। एक ओर पोल को पीवीसी पाइपों से ढंका जाएगा, वहीं दूसरी तरफ निगम शहर में जलभराव वाली जगहों पर खतरे का निशान, कम पानी आदि के निशान चिह्नित करवा रहा है। ताकि जलभराव के दौरान कोई भी चालक पानी के अंदर से गुजरने से पहले निगम द्वारा लगाए निशानों को देख सकें।
साथ ही स्ट्रीट लाइटों के पोल में बारिश के दौरान करंट नहीं दौड़े इसके लिए पोल को पीवीसी पाइपों से कवर किया जाएगा। इसको लेकर निगम ने चारों जोन में खतरों वाली जगहों को चिन्हित कर लिया है। इंजीनियरिंग विंग ने सभी पार्षदों से अपने क्षेत्र में जलभराभ के दौरान बिजली के पोल में करंट उतरने वाले पोल का ब्योरा मांगा है। बारिश के मौसम में अक्सर लोहे के बिजली पोल में करंट उतरने के कारण बड़े हादसे हो जाते हैं। इस खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए निगम ने एक बड़ा सुरक्षा कवच तैयार किया है।
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इस कवच के तहत सड़कों पर लगे सभी संवेदनशील पोल को जमीन से ऊपर छह फीट की ऊंचाई तक विशेष प्लास्टिक से कवर किया जाएगा। इसमें खंभे के निचले हिस्से में छह फीट की ऊंचाई तक मजबूत पीवीसी पाइप लगाया जाएगा, जो पूरी तरह से वॉटरप्रूफ और इंसुलेटेड होगा। इस तकनीक के कारण यदि पोल के भीतर कोई तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट होता भी है, तो भी बाहर पानी या खंभे को हाथ लगाने वाले किसी व्यक्ति को करंट नहीं लगेगा।


चारों जोन में 1600 पोल किए गए चिन्हित

नगर निगम ने इस पूरी परियोजना को सुचारू रूप से चलाने के लिए अपने चारों जोन में अलग-अलग निजी एजेंसियों को काम सौंपने का फैसला किया है। निगम के सर्वे के अनुसार, प्रत्येक जोन में 400-400 ऐसे बिजली के पोल चिन्हित किए गए हैं, जहां बारिश के दिनों में जलभराव के कारण करंट उतरने का सबसे ज्यादा खतरा बना रहता है। इस प्रकार पहले चरण में शहर के कुल 1600 सबसे खतरनाक पोल को पीवीसी पाइपों और प्लास्टिक कवर से पूरी तरह सुरक्षित किया जाएगा। इसको लेकर निगम ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है। सोमवार को टेंडर अलॉट होते ही सभी एजेंसियां अपने-अपने जोन में युद्धस्तर पर काम शुरू कर देंगी।


अब तक चार लोगों की जा चुकी है करंट से जान

11 जुलाई 2025 को बारिश के दौरान सेक्टर-49 के घसोला गांव में जलभराव के बीच एक स्ट्रीट लाइट के खंभे में करंट उतर गया था। इसकी चपेट में आने से 25 वर्षीय ग्राफिक डिजाइनर, अक्षत जैन की मौत हो गई थी। इससे पहले एक अगस्त 2024 को इफ्को चौक मेट्रो स्टेशन के पास बारिश से बचने के लिए फुटपाथ पर खड़े 3 लोग करंट की चपेट में आ गए थे। पेड़ टूटने से स्ट्रीट लाइट की खुली हुई तार नीचे पानी में गिर गई थी, जिससे इन तीनों की दर्दनाक मौत हो गई।
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नगर निगम क्षेत्र में बारिश के दौरान करंट उतरने वाले पोल का सर्वे किया जा रहा है। साथ ही 36 वार्ड के पार्षदों से अपने-अपने क्षेत्र के बारे में ब्योरा मांगा गया है। बारिश से पहले पोल को कवर किया जाना है। - सचिन यादव, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम गुरुग्राम।
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