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पुलिस ने इंश्योरेंस कंपनी से गोपनीयता का सिस्टम पूछा

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गुरुग्राम। मानव रचना यूनिवर्सिटी के मालिक की बीमा पॉलिसी के ठगी के प्रयास के मामले में सीआईए पालम विहार ने बीमा कंपनी को पत्र लिखा है। पत्र में बीमा करने के बाद उसकी गोपनीयता रखने के बारे में जानकारी मांगी। पुलिस को यह जानना है कि इस पॉलिसी के बारे में किस-किस को जानकारी होती और कहां से लीक होने की संभावना है।
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पुलिस ने बीमा पॉलिसी लीक होने और उसके भुगतान के लिए बनायी जाने वाली फाइल के बारे में लिखा है। पुलिस यह जानना चाहती है कि पॉलिसी धारक के मरने की गलत सूचना उसके पास कब और कैसे पहुंची है। जिस मेल से सूचना आई है। उसके आईपी एड्रेस पर काम होगा। इसके साथ ही कितने का बीमा है और कब किया गया था। उसकी किस्त कितने की है, कब तक पूरी होनी थी, इन सवालों का जवाब मेल पर मांग गया है। मामले की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने बताया कि कुछ जानकारी शिकायतकर्ता की ओर से दी गई है, मगर कंपनी की ओर से मिलने वाले जवाब के बाद जांच में सहायता मिलेगी।
मानव रचना यूनिवर्सिटी के मालिक डॉ. प्रशांत भल्ला की ओर से कराई गई 10 करोड़ की पॉलिसी का गलत तरीके से क्लेम लेने का मामला है। उनकी पत्नी दीपिका भल्ला की शिकायत पर पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने डेथ सर्टिफिकेट की जांच कराने के लिए सीएमओ को पत्र लिखा है। सूत्रों की माने तो यह पत्र यहां से नहीं जारी हुआ है। पुलिस ने इंश्योरेंस कंपनी से पूरे मामले की डिटेल मांगी है। अब तक की छानबीन में बीमा कंपनी की ओर से डाटा लीक होने व किसी कर्मचारी की मिलीभगत का अंदेशा किया जा रहा है।
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पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों तक पहुंचने के लिए हर पहलू पर काम कर रही है। बीमा कंपनी को लिखे गए पत्र का जवाब आने पर जांच तेजी से बढ़ेगी।
- प्रीतपाल, एसीपी क्राइम, गुरुग्राम।
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