छानबीन के दौरान पुलिस टीम को पता चला है कि आरोपी महिला मेघा ने दिव्या पाहुजा की हत्या में प्रयोग किया गया हथियार, मृतका के दस्तावेज एवं निजी सामान को छुपाने में मुख्य आरोपी अभिजीत की मदद की थी। उपरोक्त अभियोग में अब तक मुख्य आरोपी सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दो दिन की पुलिस रिमांड के दौरान उससे दिव्या की हत्या में इस्तेमाल हथियार व अन्य सामान बरामद करने की कोशिश करेगी।
सरकारी गवाह बनाना चाहती थी पुलिस
मेघा नामक इस युवती को पुलिस पहले सरकारी गवाह बनाने के मूड में थी। दिव्या की हत्या करने के बाद अभिजीत ने मेघा को ही होटल में बुलाया था। इस दौरान मेघा ने कमरे में पड़ी दिव्या की लाश को भी देखा था। पुलिस के लिए यह सबूत काफी मायने रखता है। ऐसे में पुलिस मेघा को सरकारी गवाह बनाने की तैयारी कर रही थी। हालांकि युवती पुलिस को ज्यादा कुछ नहीं बता रही थी। पुलिस की माने तो बार-बार वह अपने बयान भी बदल रही थी। ऐसे में पुलिस ने सोमवार को उसे दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया। जांच में सहयोग न करने पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
अभिजीत ने हत्याकांड के सबूत मिटाए
गैंगस्टर संदीप गाडौली की प्रेमिका दिव्या पहुजा की हत्या के बाद शव ठिकाने लगवाने से पहले होटल संचालक अभिजीत ने बीएमडब्ल्यू कार से ओल्ड दिल्ली रोड पर जाकर हत्या से जुड़े सबूत को नष्ट किया था।
पांच दिन की पुलिस रिमांड के दौरान चल रही छानबीन में होटल मालिक अभिजीत ने पुलिस को बताया कि उसने दिव्या का पहचान पत्र, उसका एपल का मोबाइल व वारदात में इस्तेमाल पिस्टल को ओल्ड दिल्ली रोड पर कहीं फेंका था।
गुरुग्राम पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल
दिव्या पाहुजा के परिजनों ने अब गुरुग्राम पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुलिस सेवा, सुरक्षा और सहयोग की बात करती है। अब जब दिव्या की हत्या के बाद उन्हें सेवा, सुरक्षा और सहयोग की सर्वाधिक जरूरत है तो उन्हें न तो पुलिस की सेवा मिली, न सुरक्षा और न ही सहयोग मिल रहा है।
फोन कॉल लोकेशन से कर रही थी बहन दिव्या की तलाश
नैना की बात पर यकीन करें तो मुंबई में हुए संदीप गाडौली के एनकाउंटर केस के बाद उसकी बहन 25 जुलाई 2023 को ही जमानत पर जेल से रिहा हुई थी। जेल से बाहर आने के बाद से ही उसकी जान को खतरा था। इसी के लिए दिव्या पाहुजा अपनी बहन और अपनी मां सोनिया के साथ साथ पिता की लाइव लोकेशन से जुड़ी रहती थी।