उपायुक्त ने योजना के क्रियान्वयन के संबंध में संबंधित अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। भारत सरकार ने सड़क दुर्घटनाओं के कारण होने वाली मौतों को कम करने के लिए पीड़ितों को नकद रहित उपचार प्रदान करने के लिए एक पायलट योजना शुरू की है। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं के पीड़ितों को समय पर चिकित्सा देखभाल प्रदान करने के लिए एक पारिस्थितिकी तंत्र स्थापित करना है, जिसमें गोल्डन ऑवर भी शामिल हैं। परिवहन आयुक्त हरियाणा सीजी रजनीकांथन ने इस योजना के सफल क्रियान्वयन के संबंध में बृहस्पतिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला उपायुक्तों, आरटीए सचिव व पुलिस व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी। इसके बाद उपायुक्त ने जिले में योजना के क्रियान्वयन के संबंध में जरूरी निर्देश दिए।
हरियाणा सीजी ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) पुलिस व स्वास्थ्य विभाग आदि के साथ समन्वय से इस योजना का क्रियान्वयन करना सुनिश्चित किया जाएगा। इस योजना के तहत दुर्घटना की तिथि से अधिकतम सात दिनों की अवधि के लिए प्रत्येक दुर्घटना के लिए पीड़ितों को अधिकतम 1.5 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार का अधिकार मिलेगा। यह योजना किसी भी श्रेणी की सड़क पर मोटर वाहन के उपयोग के कारण होने वाली सभी सड़क दुर्घटनाओं पर लागू रहेगी। उपचार प्रदान करने के लिए अस्पतालों द्वारा उठाए गए दावों की प्रतिपूर्ति मोटर वाहन दुर्घटना निधि से की जाएगी। इस योजना को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के ई-डीएआर एप्लीकेशन और एनएचए के ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम (टीएमएस) की कार्यक्षमताओं को मिलाकर एक आईटी प्लेटफॉर्म के माध्यम से लागू किया जाएगा।
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परेशानी होने पर हेल्पलाइन नंबर-14555 पर कर सकते हैं कॉल
वीसी के बाद उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने सभी संबंधित विभागों के अधिकारियों को योजना उचित क्रियान्वयन के संबंध में जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि इस योजना का लाभ लेने में अगर किसी व्यक्ति को कोई परेशानी आती है तो वह हेल्पलाइन नंबर-14555 पर कॉल कर सकता है। इस वीसी में आरटीए सचिव मुनीष सहगल, डीएसपी अजायब सिंह, शहीद हसन खान मेडिकल कालेज से शिवा दता सहित अन्य विभागों से अधिकारी उपस्थित थे।