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शर्तों के साथ जिला प्रशासन ने दी गुरुग्राम के धार्मिक स्थलों को खोलने की अनुमति

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गुरुग्राम। करीब पांच माह लंबे इंतजार के बाद जिला प्रशासन ने धार्मिक स्थलों को शर्तों के साथ खोलने की अनुमति दे दी है। प्रशासनिक आदेश के मुताबिक, बुधवार से जिले के सभी धार्मिक स्थल खुल जाएंगे, लेकिन प्रशासन ने तमाम कड़ी शर्तें निर्धारित की हैं, जिनका श्रद्धालुओं व धार्मिक स्थल प्रबंधन को अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। इस संदर्भ में जिला उपायुक्त अमित खत्री ने मंगलवार शाम को विधिवत लिखित आदेश जारी कर दिया। आदेश के मुताबिक, धार्मिक स्थलों के प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर डिस्पेंसर लगाना अनिवार्य होगा तो कोरोना के लक्षणों वाले श्रद्धालुओं को मंदिरों में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी।
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मंदिरों में प्रवेश करने से पहले श्रद्धालुओं को अनिवार्य रूप से मास्क लगाना होगा और कम से कम 6 गज की दूरी बनाए रखनी होगी। मंदिरों में यथासंभव ऑडियो व वीडियो क्लिप के जरिए श्रद्धालुओं को कोरोना से बचाव व सावधानियों के प्रति जागरूक करना होगा। प्रशासनिक आदेश में श्रद्धालुओं को जूते-चप्पल निजी वाहनों में ही रखने का सुझाव दिया गया है। यदि पार्किंग की व्यवस्था है तो मंदिर प्रबंधन पर भीड़ को नियंत्रित करने व सामाजिक दूरी को बनाए रखने की जिम्मेदार होगी। वहीं, धार्मिक स्थलों के बाहर लगने वाली दुकानों में भी सामाजिक दूरी का पालन अनिवार्य रूप से कराना होगा, जिसकी जिम्मेदारी दुकानदारों पर होगी।
अलग-अलग होगा प्रवेश व निकासी का द्वार
प्रशासनिक आदेश के मुताबिक, धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश व निकास का द्वार अलग-अलग बनाया जाएगा। खास बात यह है कि श्रद्धालुओं को धार्मिक स्थल में प्रवेश से पहले साबुन से हाथ व मुंह धुलना होगा और मंदिर प्रबंधन को भी सामाजिक दूरी को ध्यान में रखते हुए श्रद्धालुओं के लिए बैठने की व्यवस्था करनी होगी। वहीं, सीपीडब्ल्यूडी के आदेश के मुताबिक धार्मिक स्थलों में लगे वातानुकूलित यंत्रों का तापमान 24-30 डिग्री सेल्सियस के बीच रखना होगा और ताजी हवा आने का भी इंतजाम होना चाहिए। मूर्तियों व पवित्र ग्रंथों को छूने की इजाजत नहीं होगी। ज्यादा भीड़ एकत्रित न हो, इसका धार्मिक स्थलों के प्रबंधन को पूरा ध्यान रखना होगा। कृष्ण जन्मोत्सव की बधाई व शुभकामनाएं देते समय एक-दूसरे के संपर्क में न आएं, इसका श्रद्धालुओं को पूरा ध्यान रखना होगा।
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नहीं होगा सामूहिक दरी व चटाई का उपयोग
जिला उपायुक्त अमित खत्री ने आदेश में स्पष्ट किया है कि पूजा के दौरान बैठने के लिए सामूहिक तौर पर दरी व चटाई इत्यादि का प्रयोग नहीं किया जाएगा। श्रद्धालु अगर चाहें तो बैठने के लिए अपने साथ सिर्फ खुद के लिए छोटी चटाई व दरी इत्यादि ला सकते हैं। धार्मिक स्थलों के अंदर प्रसाद वितरण व पवित्र जल का छिड़काव इत्यादि वर्जित रहेगा। वहीं, लंगर व सामूहिक भोज के दौरान सामाजिक दूरी का अनिवार्य रूप से पालन करना होगा। हाथ-पैर धुलने वाली जगहों पर नियमित रूप से सैनिटाइजेशन कराना अनिवार्य होगा।
संदिग्ध व संक्रमित के मिलने पर यह करना होगा
इन तमाम सावधानियों के बावजूद यदि कोई कोरोना संदिग्ध या संक्रमित व्यक्ति धार्मिक स्थल के अंदर आ जाता है तो उसे अन्य लोगों से दूर एक अलग कमरे में आइसोलेट किया जाएगा। उसको तत्काल फेस मास्क या फिर फेस कवर प्रदान करना होगा जब तक कि डॉक्टर देख न लें। धार्मिक स्थल प्रबंधन को तत्काल अपने समीप के स्वास्थ्य केंद्र या फिर स्वास्थ्य विभा की हेल्पलाइन नंबर पर मरीज के बारे में सूचित करना होगा।
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