ब्याज माफी और 10 प्रतिशत टैक्स छूट योजना के अंतिम दिन पहुंचे बड़ी संख्या में लोग
नंबर गेम -168 करोड़ रुपये का राजस्व निगम को मिला
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटियों के कारण संपत्ति कर जमा कराने पहुंचे लोगों को मंगलवार को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हरियाणा सरकार की ओर से प्रॉपर्टी टैक्स पर दी गई एकमुश्त ब्याज माफी और चालू वित्त वर्ष के प्रॉपर्टी टैक्स पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट का लाभ लेने के लिए नगर निगम कार्यालयों में लोगों की भीड़ रही। हालांकि, प्रॉपर्टी आईडी में नाम, क्षेत्रफल, मोबाइल नंबर और स्वामित्व संबंधी खामियों के कारण कई लोगों को भटकना पड़ा। चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में नगर निगम को प्रॉपर्टी टैक्स के रूप में 168 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।
योजना के अंतिम दिन सुबह से ही बड़ी संख्या में प्रॉपर्टी मालिक नगर निगम के विभिन्न नागरिक सुविधा केंद्रों पर टैक्स जमा कराने पहुंचे। बढ़ती भीड़ को देखते हुए नगर निगम ने महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग काउंटर बनाए थे। टैक्स शाखा के अधिकारी और कर्मचारी बिना अवकाश लगातार कार्य करते रहे। साथ ही प्रॉपर्टी टैक्स डाटा में सुधार, स्वामित्व संबंधी त्रुटियों और अन्य शिकायतों का भी मौके पर समाधान करने का प्रयास किया गया। लोगों ने बताया कि प्रॉपर्डी आईडी को ठीक कराने में परेशानी आ रही है।
प्रॉपर्टी आईडी की खामियों से बढ़ी परेशानी
नगर निगम ने एक निजी एजेंसी से सर्वे कराकर नई प्रॉपर्टी आईडी तैयार कराई थी। इन आईडी में नाम, प्लॉट का क्षेत्रफल, खाली प्लॉट, फ्लैटों की आईडी और मोबाइल नंबर सहित कई प्रकार की त्रुटियां सामने आई हैं। इन गलतियों का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लोग ऑनलाइन आवेदन करने के बाद भी आईडी में सुधार नहीं होने की शिकायत करते रहे।
केस-1 : बेटे के नाम नहीं हुई प्रॉपर्टी आईडी
सेक्टर-34 स्थित निगम कार्यालय में टैक्स जमा कराने पहुंचे अब्दुल ने बताया कि उन्होंने गगन नामक व्यक्ति से अपने बेटे के नाम प्रॉपर्टी खरीदी थी, लेकिन प्रॉपर्टी आईडी में अभी भी पुराने मालिक का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज है। उन्होंने बताया कि आईडी में नाम बदलवाने के लिए आवेदन किया जा चुका है, लेकिन अब तक सुधार नहीं हुआ। मजबूरी में उन्हें पुराने मालिक के नाम पर ही प्रॉपर्टी टैक्स जमा कराना पड़ा।
केस-2 : एक हजार से बढ़कर 20 हजार रुपये पहुंचा टैक्स
सेक्टर-66 निवासी राकेश ने बताया कि इस बार उनके मकान का प्रॉपर्टी टैक्स 20 हजार रुपये आ गया, जबकि पहले करीब एक हजार रुपये टैक्स आता था। उन्होंने कहा कि रिकॉर्ड में हुई गड़बड़ी को ठीक कराने के लिए उन्हें निगम कार्यालय के कई चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
कूड़ा संग्रहण शुल्क जोड़ने पर भी आपत्ति
इस बार नगर निगम ने प्रॉपर्टी टैक्स के साथ कूड़ा संग्रहण शुल्क भी जोड़ दिया है। कई लोगों ने इस पर आपत्ति जताई। उनका कहना था कि नगर निगम की डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण सेवा अभी पूरे शहर में प्रभावी ढंग से लागू नहीं हुई है। ऐसे में सेवा उपलब्ध कराए बिना शुल्क वसूलना उचित नहीं है।
विकास कार्यों में नागरिकों की भागीदारी जरूरी : मेयर
मेयर राजरानी मल्होत्रा ने कहा कि शहर के समग्र विकास में नागरिकों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। समय पर प्रॉपर्टी टैक्स का भुगतान प्रत्येक नागरिक का दायित्व है और इससे शहर के विकास कार्यों को गति मिलती है।
राजस्व से मजबूत होंगी बुनियादी सुविधाएं : आयुक्त
नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि हरियाणा सरकार की ब्याज माफी और टैक्स छूट योजना का नागरिकों ने उत्साहपूर्वक लाभ उठाया। बड़ी संख्या में लोगों द्वारा समय पर टैक्स जमा करना नगर निगम के प्रति उनके विश्वास और जिम्मेदारी को दर्शाता है। प्राप्त राजस्व का उपयोग शहर में सड़क, सीवरेज, पेयजल, स्वच्छता, स्ट्रीट लाइट, पार्कों के विकास और अन्य बुनियादी नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा।