इस साल प्रदूषण और जाम से मिलेगी राहत, शहर में सड़कों का चौड़ीकरण और निर्माण बनेगा मददगार
- कई परियोजनाएं जून-जुलाई तो कई दिसंबर तक होंगी पूरी
गुरुग्राम। इस साल शहर को जाम और प्रदूषण से बड़ी राहत मिलने वाली है। शहर में यातायात के दबाव को कम करने की दिशा में अनेक उपाय किए जा रहे हैं। उन्हीं में सड़कों का चौड़ीकरण और निर्माण भी एक है। शहर में जाम और प्रदूषण के भले ही दूसरे भी कारण हों, लेकिन अधिक फोकस सड़कों पर ही किया जा रहा है। माना जा रहा है कि यातायात सुचारू होगा तो जाम और प्रदूषण से निश्चित ही किसी हद तक राहत मिलेगी, क्योंकि सड़कों पर वाहनों के दबाव से जाम लगता है और जाम में फंसी गाड़ियों से प्रदूषण अधिक फैल रहा है। चौक-चौराहों पर उड़ती धूूल भी प्रदूषण का प्रमुख कारण है। इन सबसे निजात के लिए यातायात का दबाव कम करने की दिशा में काम हो रहा है। इसमें जो परियोजनाएं शामिल हैं, उनमें व्यस्त चौक-चौराहों पर अंडरपास-फ्लाईओवर के साथ हाईवे और एक्सप्रेस-वे का निर्माण शामिल हैं।
ये परियोजनाएं यातायात के दबाव से छुटकारा दिलाएंगी
इस साल द्वारका एक्सप्रेस-वे (सेंट्रल पेरीफेरल रोड), सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) गुरुग्राम-सोहना हाईवे जैसी बड़ी और महत्वपूर्ण परियोजनाओं के साथ शहर की अंदरुनी परियोजनाएं भी पूरी होंगी, जबकि कुछ पूरी हो चुकी हैं। द्वारका एक्सप्रेस वे और एसपीआर के लिए दिसंबर महीने की समय सीमा तय है। द्वारका एक्सप्रेस वे बनने के बाद आईएमटी मानेसर बावल, रेवाड़ी, धारूहेड़ ओर राजस्थान के सीमावर्ती औद्योगिक क्षेत्र भिवाड़ी, नीमराणा व खुसखेड़ा से दिल्ली या आगे जाने वाला यातायात शहर से 12 किलोमीटर पहले ही खेड़की दौला टोल से सीधे द्वारका एक्सप्रेस वे के रास्ते दिल्ली के बाहरी हिस्से में प्रवेश करेगा और यहां से आगे बढ़ेगा। एसपीआर को करीब 500 करोड़ की लागत से सिग्नल फ्री मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण ( जीएमडीए) को सौंपी गई है। यह भी दिसंबर तक पूरा होना है। दिल्ली-जयपुर हाईवे पर बन रहे क्लोवर लीफ के रास्ते जयपुर की ओर से फरीदाबाद और यहां फरीदाबाद से जयपुर की ओर या बाहरी दिल्ली (द्वारका) की ओर जाने वाले वाहन शहर से बाहर ही निकलेंगे। क्लोवर लीफ से दिल्ली-मुंबई पर चढ़ा जा सकेगा। गुरुग्राम-सोहना एलिवेटेड हाईवे का निर्माण जून तक पूरा होना है, हालांकि इसके एक हिस्से (घामडोज से सोहना तक) का काम पूरा हो गया है। इसके निर्माण के बाद सुभाष चौक से बादशाहपुर तक लगने वाले लंबे जाम और गाड़ियों के धुएं से होने वाले प्रदूषण से राहत मिलेगी।
अंदरुनी यातायात को ये परियोजनाएं देंगी रफ्तार
शहर के अंदरुनी हिस्से में यातायात को रफ्तार देने के लिए कई परियोजनाएं अपने अंतिम चरण में हैं। इनमें अतुल कटारिया चौक पर 47 करोड़ रुपये से फ्लाईओवर निर्माण 30 जून, 25.5 करोड़ से बस अड्डे के पास सबसे व्यस्त महावीर चौक के सुधारीकरण (यूटर्न, अंडरपास, ऑटो, बस स्टैंड) का काम जुलाई अंत तक, बसई चौक फ्लाईओवर अगस्त तक पूरा होगा। 80 करोड़ रुपये की लागत से कैप्टन उमंग भारद्वाज चौक पर इसी साल यातायात सुचारु होगा। हुडा सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन और एंबियंस मॉल के पास यूटर्न अंडरपास शुरू हो गए हैं।
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केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के निर्देश पर दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण खत्म करने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जा रहा है। गुरुग्राम में द्वारका एक्सप्रेस वे, सोहना हाईवे, क्लोवर लीफ जैसी कई परियोजनाएं जाम और प्रदूषण से राहत में सहायक बनेंगी। इस साल सभी परियोजनाएं पूरी हो जाएंगी।
निर्माण जंबूलकर, परियोजना निदेशक, एनएचएआई
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शहर की सड़कों पर यातायात का दबाव और उससे लगने वाला जाम प्रदूषण का मुख्य कारण है। जैसा बताया जा रहा है कि आने वाले समय में सड़कों पर यातायात का दबाव कम होगा जो निश्चित ही जाम और प्रदूषण से राहत मिलेगी। नई सड़कें बन रही हैं तो उन पर पेड़ भी लगेंगे। यह प्रदूषण की नजर से अच्छा है।
शरद गोयल, अध्यक्ष, नेचर इंटरनेशनल (पर्यावरणविद्)
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