संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। स्वास्थ्य विभाग में एंबुलेंस की कमी से मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग की आठ एंबुलेंस में से पांच कांवड़ यात्रा ड्यूटी में लगी हुई हैं। वहीं एजेंसी का भुगतान लंबित होने के कारण कई एंबुलेंस महीनों से एजेंसी परिसर में ही खड़ी हैं। दस दिन पहले मरम्मत के लिए भेजी गई एक एंबुलेंस भी अब तक वापस नहीं लौटी। ऐसे में आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं हो पा रही है। कई दिनों से सेक्टर-31 पॉलीक्लिनिक, पीएचसी कासन सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी एंबुलेंस की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल रही है, जिससे मरीजों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
पंचगांव निवासी मोनिका मंगलवार को प्रसव के बाद अस्पताल से छुट्टी मिलने पर घर जाने के लिए सरकारी एंबुलेंस का इंतजार करती रहीं। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से एंबुलेंस उपलब्ध कराने का अनुरोध किया, लेकिन एंबुलेंस नहीं होने की बात कहकर उन्हें इंतजार करने के लिए कहा गया। रजिस्टर में एंबुलेंस उपलब्ध कराने की एंट्री भी की गई, मगर करीब एक घंटे तक वाहन नहीं पहुंचा। आखिरकार मजबूर होकर मोनिका को निजी कैब बुक कर अपने नवजात के साथ घर लौटना पड़ा।
एजेंसी को भुगतान का बिल पास कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भुगतान होते ही सभी एंबुलेंस दोबारा संचालित होने लगेंगी, जिससे सेवाएं जल्द ही बहाल हो जाएंगी।
- डॉ. लोकवीर, सीएमओ, स्वास्थ्य विभाग