जीएमडीए ने बीच में आ रहे मकान को तोड़ा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जीएमडीए ने कार्रवाई करते हुए एनएच-48 से नॉर्दर्न पेरिफेरल रोड (एनपीआर) तक बनाए जा रहे मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेन के निर्माण में बाधा बन रहे अतिक्रमण को हटा दिया। जीएमडीए द्वारा सेक्टर 76 से 80 तक मास्टर स्टॉर्म वॉटर ड्रेन का निर्माण किया जा रहा है, जिससे एनएच-48 की सर्विस रोड और आसपास के सेक्टरों में होने वाली जलभराव की समस्या का समाधान किया जा सके।
एनएच-48 से एनपीआर तक प्रस्तावित 600 मीटर लंबे मास्टर ड्रेन के निर्माण का कार्य लगभग 150 मीटर हिस्से पर हुए अतिक्रमण के कारण पिछले छह महीने से अधिक समय से रुका हुआ था। अब अतिक्रमण हटने के बाद इस ड्रेन का निर्माण कार्य फिर से शुरू किया जा सकेगा। जिस भूमि पर अतिक्रमण किया गया था, उसका अधिग्रहण पहले ही एचएसवीपी द्वारा किया जा चुका था। संबंधित भूमि मालिकों को मुआवजा भी दिया जा चुका था। कार्रवाई से पहले संबंधित लोगों को नोटिस देकर अपना सामान हटाने और जगह खाली करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया। स्थानीय लोगों के सहयोग से मंगलवार को जीएमडीए की टीम ने अतिक्रमण हटाकर निर्माण कार्य के लिए रास्ता साफ कर दिया।
यह कार्रवाई जीएमडीए के डीटीपी आरएस बाठ के नेतृत्व में इंफ्रा-2 और प्रवर्तन शाखा की टीम द्वारा की गई। अभियान के दौरान लगभग 500 से 600 वर्ग फुट क्षेत्र में बने दो दो-मंजिला अवैध निर्माण हटाए गए। इससे ड्रेन निर्माण के लिए आवश्यक लगभग 150 मीटर का मार्ग उपलब्ध हो गया है। जीएमडीए के डीटीपी आरएस बाठ ने कहा कि अब अतिक्रमण हटने के बाद मास्टर ड्रेन का निर्माण कार्य तेजी से पूरा किया जाएगा। इसके बनने से सेक्टर 76 से 80 और आसपास के क्षेत्रों में वर्षा जल की निकासी बेहतर होगी तथा मानसून के दौरान जलभराव से काफी राहत मिलेगी।