4,894 के बिल में 403 रुपये लगा रखा था सर्विस चार्ज, आयोग ने ठहराया गलत
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। मानेसर स्थित पंचगांव रेस्टोरेंट के खाने के बिल पर लगाए गए 10 प्रतिशत सर्विस चार्ज को उपभोक्ता आयोग ने गलत करार दिया है। आयोग ने सर्विस चार्ज को अनुचित व्यापार व्यवहार माना है।
आयोग ने रेस्टोरेंट को शिकायतकर्ता को 15 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह आदेश जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के सदस्य ने दिया है। शिवा नगर निवासी मोहम्मद जावेद ने आयोग में दायर की अपनी याचिका में बताया है कि वह 23 सितंबर 2024 को अपने परिवार के साथ पंचगांव रेस्टोरेंट में खाना खाने गए थे। वहां पर उनका 4894 का बिल आया था। उन्होंने घर आकर देखा तो उसमें 10 प्रतिशत सर्विस चार्ज के नाम पर 403 रुपये जोड़े हुए थे। उन्होंने केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) के नियमों का उल्लंघन का हवाला देते हुए आयोग में याचिका दायर की। इस मामले में रेस्टोरेंट की तरफ से कोई भी पेश नहीं हुआ।
आयोग ने मामले को सुनने के बाद अपने आदेश में सीसीपीए के नियमों का हवाला देते हुए कहा कि उपभोक्ता से अलग से सर्विस चार्ज नहीं लिया जा सकता है। इसके साथ ही आदेश में कहा गया कि रेस्टोरेंट या होटल ने खाने और पेय पदार्थ की कीमत में ही सर्विस जोड़ी हुई होती है। उपभोक्ताओं को खाने और पेय देने वाले सामान की कीमतों को तय करने पर किसी प्रकार का प्रतिबंध भी नहीं होता है। होटल के मेन्यू में दर्शाई गई कीमतों का भुगतान करने में उपभोक्ता की सहमति मानी जाती है। उसके अलावा कुछ भी चार्ज करना अधिनियम के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार माना जाता है। इसके बाद आयोग ने रेस्टोरेंट संचालक को आदेश दिया है कि वह 403 रुपये को नौ प्रतिशत की ब्याज दर से वापस करें। इसके साथ ही 15 हजार रुपये का मुआवजा और कानूनी प्रक्रिया पर खर्च होने पर 11 हजार रुपये शिकायतकर्ता को दिए जाएं।