गुरुग्राम। दिल्ली से होकर गुजरने वाली बसों में 50 फीसदी सवारियों को बैठाने के आदेश जारी किए हुए हैं। ऐसे में चंडीगढ़, बहादुरगढ़, रोहतक, हिसार, सिरसा और जींद आदि रूटों पर जाने वाली बसों को दिल्ली की सीमा के अंदर होकर जाना पड़ता हैै लेकिन इन बसों में 50 फीसदी सवारियां ही बैठा सकते हैं।
इन रूटों पर काफी सवारियों का आवागमन भी होता हैै। पचास फीसदी से ज्यादा सवारियां बैठाने पर दिल्ली पुलिस द्वारा 2000 रुपये का चालान काटा जाता हैै। रोडवेज बसों में कम सवारियों के आदेश के कारण हरियाणा परिवहन विभाग को रैैवन्यू का काफी नुकसान हो रहा है। वहीं, चालक-परिचालकों के साथ ही सवारियां बैठने के लिए बहसबाजी करती हैं। हालांकि, चालक-परिचालक सवारियों को कोविड-19 के नियमों के बारे में बताते हुए कम सवारियां बैठाने की बात बता रहे हैं।
ऐसे में बस में ज्यादा सवारियां चढ़ने से रोकने पर वह बहस करते हैं और कार्यालय या नौकरी पर देरी से पहुंचने की दुहाई तक देते हैं। हरियाणा रोडवेेज वर्कर्स यूनियन के गुरुग्राम डिपो प्रधान संदीप दलाल ने बताया कि बस में 50 फीसदी से ज्यादा सवारी नहीं बैठाई जा सकती। कई बार ज्यादा लोग होने पर सवारियों को बस से उतार दिया जाता है। वह गुरुग्राम बस डिपो के महाप्रबंधक से मुलाकात करके चालक-परिचालकों को आनेे वाली इन दिक्कतों सेे अवगत कराएंगे।
गुरुग्राम बस अड्डा के संस्थान प्रबंधक नरेश कुमार ने बताया कि दिल्ली की सीमा के अंदर से गुजरने वाली बसों में 50 फीसदी ही सवारियां बैठाने के आदेश हैं। ऐसे में कई रूटों पर जाने वाली रोडवेेज बसों के रास्ते को बदलने की योजना है। इन बसों को अब केएमपी से भेजने की तैयारी है। इसके बाद चालक-परिचालकों या सवारियों का दिक्कत नहीं होगी।