गुरुग्राम। जिले में बढ़ते कोरोना संक्रमण के कारण हरियाणा सरकार ने अपर मुख्य सचिव टीपी गुप्ता को मॉनिटरिंग अधिकारी नामित कर दिया है। वह करोना संक्रमण की स्थिति नियंत्रित होने तक गुरुग्राम में ही कैंप करेंगे। उन्होंने जिले के प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ प्रतिदिन समीक्षा करने का निर्णय लिया है। उन्हाेंने बताया कि संक्रमितों के लिए आठ सौ बेड आरक्षित होंगे।
उन्होंने सोमवार को अधिकारियों के साथ करीब तीन घंटे तक विस्तार से समीक्षा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि जिले के सरकारी तथा निजी अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए बेड की संख्या बढ़ाकर 800 की जाएगी। साथ ही रोजाना पोर्टल पर डाटा अपलोड करना होगा। जिससे कि लोगों को पता चल सके कि किस अस्पताल में कोविड मरीजों के लिए कितने बेड आरक्षित हैं। उनमें से कितने भरे हुए हैं। किस अस्पताल में बेड उपलब्ध हैं। ताकि वह अपनी कोविड संक्रमण की स्थिति के अनुसार निर्णय ले सके कि उन्हें किस अस्पताल में जाना है। इस सिस्टम से मरीज का इलाज जल्दी शुरू हो सकेगा। कोविड मरीजों के लिए अस्पताल, बेड की उपलब्धता। टेस्टिंग लैब आदि की सूचना ‘गुरुग्राम कोविड कॉमबैट कंपेनियन’ (जीसी3) पोर्टल पर कोई भी व्यक्ति देख सकता है।
इससे पहले समीक्षा के दौरान जिला उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने एसीएस को बताया कि हर अस्पताल के लिए एक वरिष्ठ अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है। जो उस अस्पताल में आईसीयू, वेंटिलेटर तथा ऑक्सीजनयुक्त बेड पर दाखिल प्रत्येक मरीज का स्वास्थ्य चार्ट देखते हैं। साथ में पता लगाते हैं कि उसे वास्तव में उस श्रेणी के बेड की आवश्यकता है या नहीं।
बैठक के बाद एसीएस ने शहर के कई अस्पतालों तथा कंटेनमेंट जोन का मुआयना भी किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में ऑक्सीजन की कमी नहीं है। राज्य में 272 मीट्रिक टन ऑक्सीजन का उत्पादन हो रहा है। प्रदेश में अब कोविड उच्च स्तर पर है। इसके कारण खपत 60 मीट्रिक टन के आसपास है। उन्होंने माना कि किसी अस्पताल में सिलिंडर की दिक्कत हो सकती है लेकिन ऑक्सीजन की सप्लाई की कोई कमी नहीं है।
हेल्पलाइन 1950 की 20 लाइनें 24 घंटे
जिला प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर 1950 एडीसी की देखरेख में की है। इसकी 20 लाइनें 24 घंटे चल रहीं हैं। जिन पर तीन शिफ्टों में 60 ऑपरेटरों की ड्यूटी लगाई गई है। इन ऑपरेटरों को एफएक्यू के अलावा सभी पीएचसी तथा एंबुलेंस का डाटा दिया गया है। हर शिफ्ट के बाद ऑपरेटर की ब्रीफिंग और डी-ब्रीफिंग होती है। इससे पता चल सके कि हेल्पलाइन पर किस प्रकार की जानकारी मांगी जा रही है।
11244 मरीज होम आइसोलेशन में
गुरुग्राम। उपायुक्त डॉ. यश गर्ग ने कहा कि जिले में 11244 मरीज होम आइसोलेशन में हैं। प्रत्येक संक्रमित के लिए होम आइसोलेशन का 10 दिन का समय निर्धारित है। इन सबसे चिकित्सकों की टीम द्वारा कॉल करके हाल चाल पूछा जाता है। उन्होंने कहा कि पॉजिटिव पाए जाने वाले केस संबंधित पीएचसी को भेज दिए जाते हैं। उनमें से जो नहीं मिलते, उनकी डिटेल पुलिस को भेज दी जाती है। पिछले एक सप्ताह में पुलिस को 3300 केस भेजे गए हैं। इनमें से 1200 मामलों की सूचना मिल चुकी है। अनट्रेस पॉजिटिव केस तलाशने के लिए जोन वाइज पांच टीमें लगी हुईं हैं।
नियमों की अवहेलना पर चालान
ठीक से मास्क नहीं पहनने वालों तथा सोशल डिस्टेंसिंग के नियम की अवहेलना करने वालों के इस महीने प्रतिदिन लगभग एक हजार चालान किए जा रहे थे। जिनकी संख्या पिछले एक सप्ताह से बढ़ाकर 1500 से 2000 तक कर दी गई है। यदि कोई गरीब व्यक्ति बिना मास्क के मिलता है तो उसका पुलिस चालान नहीं करती, बल्कि उसे समझाकर मास्क भी देती है।
119 कंटेनमेंट जोन, 18 आइसोलेशन सेंटर
जिले में 119 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। इनमें डोर टू डोर थर्मो स्केनिंग के लिए स्वास्थ्य विभाग ने 22 टीमें लगा रखी हैं। इसके अलावा सात एंबुलेंस कोविड मरीजों के लिए लगाई गईं हैं। इनके अलावा 18 आइसोलेशन सेंटर बने हुए हैं जिनमें 142 मरीज रह रहे हैं।
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https://covidggn.com/public/pages/gurugram-hospitals पर भी यह सूचना देखी जा सकती है।