सिविल अस्पताल में पीपीपी मोड पर बने मेडिट्रिना को दो करोड़ से ज्यादा भुगतान बाकी, इलाज बंद, भटक रहे मरीज
सौम्या गुप्ता
गुरुग्राम। नागरिक अस्पताल में आयुष्मान कार्ड मरीजों के लिए पीपीपी मोड में मेडिट्रिना हार्ट विभाग में उपचार में बंद है। ऐसे में मरीज इलाज के लिए भटक रहे हैं। डॉक्टरों का कहना है कि उनका भुगतान नहीं हुआ। इस वजह से यह दिक्कत आ रही है।
मेडिट्रिना हार्ट के विशेषज्ञ डॉ. संजय चुघ ने बताया कि लगभग दो करोड़ से अधिक रुपये बकाया है जबकि इसके लिए अस्पताल प्रशासन से कई बार बकाया भुगतान के लिए निवेदन कर चुके हैं। यदि समय पर भुगतान नहीं हो हुआ तो फरीदाबाद की तरह मेडिट्रिना हार्ट केंद्र को बंद करना पड़ सकता है।
हरियाणा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने राज्य सरकार पर आयुष्मान भारत योजना को कमजोर करने का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि सरकार निजी अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं कर रही है, बकाया राशि नहीं चुका रही और मौजूदा वित्तीय वर्ष में योजना के बजट में भारी कटौती की गई है।
आईएमए कमेटी के प्रधान डॉ. सुरेश अरोड़ा ने बताया कि अस्पतालों को 3 से 6 महीने तक भुगतान नहीं हो रहा जबकि पहले 15 दिन में भुगतान और देरी पर 1% ब्याज का वादा किया गया था। भुगतान में देरी के चलते अस्पतालों पर दबाव है और कई बार भुगतान तब होता है जब सेवाएं बंद करने की चेतावनी दी जाती है। एक निजी अस्पताल अधिकारी ने 16 से 20 करोड़ रुपये बकाया होने की बात कही है।
30 करोड़ बकाया है
डॉ. सुरेश अरोड़ा का आरोप है कि गुरुग्राम में 30 करोड़ और पूरे हरियाणा में लगभग 450 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित बताई गई है। डॉ. सुरेश अरोड़ा ने कहा कि बजट में गिरावट सरकार की नीयत पर सवाल खड़े कर रही है।
जिन अस्पताल का बजट बकाया है, उनके लिए उच्चतर स्वास्थ्य विभाग के साथ बात की जा रही है। इसके लिए किसी को भी परेशान होने की जरूरत नहीं है। पत्र लिखकर भेज दिया गया है। डॉ. अल्का सिंह, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, गुरुग्राम
जिले में कुल 25 से 30 करोड़ रुपये बकाया है जबकि फरवरी में हुई मीटिंग में हर 15 दिन में भुगतान करने की बात हुई थी। अब तक तीन महीने से अधिक हो गए आयुष्मान में रुपये नहीं मिल पा रहे हैं। डॉ. सुरेश अरोड़ा, आईएमए कमेटी के प्रधान, फरीदाबाद