गुरुग्राम। मेयर मधु आजाद ने बृहस्पतिवार को निगम कार्यालय में जोन-2 एवं जोन-4 के निगम पार्षदों एवं अधिकारियों के साथ बैठक की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि वे निगम पार्षदों द्वारा बताए गए कार्यों को प्राथमिकता दें। विकास कार्यों को लेकर की जाने वाली लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी और संबंधित अधिकारी के खिलाफ मुख्यमंत्री को रिपोर्ट भेजी जाएगी।
मेयर ने कहा कि निगम पार्षदों द्वारा उनके वार्डों में जनता से संबंधित कार्यों की मांग की जाती है। इन कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर करवाएं। निगम पार्षद उनके वार्ड की जनता के प्रति जवाबदेह हैं और पार्षदों के काम की जवाबदेही मेयर की है। मेयर ने अधिकारियों को कहा कि वार्डों में कार्य निर्धारित समयावधि में शुरू और पूर्ण होने चाहिए। इसके अलावा एजेंसी की ओर से कार्य शुरू नहीं करने की स्थिति में उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं बैठक के दौरान दो एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। मेयर ने अधिकारियों को कहा कि वे विकास कार्यों से संबंधित फाइलों को बेवजह लंबित न रखें।
सदन की बैठक में केवल बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी
मेयर ने कहा कि इस प्रकार की बैठक प्रतिमाह आयोजित की जाएगी। इसके साथ ही हर 15 दिन में संयुक्त आयुक्त स्तर पर और प्रत्येक सप्ताह कार्यकारी अभियंता के स्तर पर निगम पार्षदों की बैठकें होंगी। बैठकों का मुख्य उद्देश्य यही है कि निगम पार्षदों को उनके वार्ड से संबंधित छोटे-छोटे कार्यों के लिए सदन में न बोलना पड़े। सदन की बैठक में केवल बड़े मुद्दों पर ही चर्चा होनी चाहिए। इस दौरान निगम पार्षदों ने ‘निगम आपके द्वार’ कार्यक्रम दोबारा शुरू करने, वार्ड वाइज विशेष स्वच्छता अभियान चलाने, वार्ड वाइज सीएससी की स्थापना करने, पेड़ों की छंटाई का कार्य दुरुस्त करने, पर्याप्त सीवरमैन उपलब्ध करवाने, निगम जमीनों एवं भवनों से अवैध कब्जे हटवाने, स्ट्रीट लाइट, अतिक्रमण, सड़क नामकरण, सामुदायिक केंद्रों की सफाई समेत अन्य समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई।