इस बीच बलवाइयों ने आगजनी कर दी। कई वाहनों में तोड़फोड़ कर कई को आग लगा दी। दोपहर से लेकर शाम तक चले बवाल में करीब 24 लोग घायल हुए। सभी को अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। एक होमगार्ड की मौत की बात भी सामने आ रही है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुलिस द्वारा मौत की पुष्टि नहीं की गई थी।
सूत्रों का कहना है कि होमगार्ड गुरुग्राम पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंचा था। इसी बीच हुए पथराव में उसकी मौत हुई। नूंह जिला प्रशासन ने हालात से निपटने के लिए दूसरे जिलों से पुलिस फोर्स बुलाई। बवाल के बाद पूरे जिले में धारा-144 लगाकर इंटरनेट सेवा को अस्थायी रूप से अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। इसके साथ ही जिले की सीमाएं भी सील कर दी गई हैं।
विश्व हिंदू परिषद और मातृ शक्ति दुर्गा वाहिनी ने सोमवार को ब्रजमंडल यात्रा निकालने का ऐलान किया था। विगत तीन साल से यह यात्रा निकाली जा रही है। यात्रा नूंह से शुरू होकर फिरोजपुर झिरका होते हुए पुन्हाना के सिंगार गांव स्थित मंदिर तक जानी थी। दोपहर करीब डेढ़ बजे नूंह के नल्हड़ शिव मंदिर से फिरोजपुर झिरका की तरफ रवाना हुई यात्रा जैसे ही शहीदी पार्क के पास पहुंची, वहां समुदाय विशेष के लोग पहले से जमा थे। आमने-सामने आते ही दोनों पक्षों में तकरार हो गई। देखते ही देखते पथराव होने लगा। यात्रा के साथ चल रहे पुलिसकर्मियों ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया, मगर भीड़ बेकाबू हो गई। भीड़ में शामिल उपद्रवियों ने कुछ गाड़ियों को आग लगा दी। बवाल के दौरान गोलीबारी भी हुई।
पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, हवाई फायर किए
बेकाबू भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े। हालांकि इनका ज्यादा असर दिखाई नहीं दिया। इसके बाद पुलिस ने हवाई फायर भी किए। ऐसे में भीड़ वहां से हटकर शहर में अन्य जगहों पर बवाल करने लगी। बवाल को नियंत्रित करने के लिए रेवाड़ी, पलवल और गुरुग्राम से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। तकरीबन 1000 जवान मैदान में उतार दिए गए।
बस लूटकर साइबर थाने की दीवार ढहाई, वाहन तोड़े
उपद्रवियों ने एक निजी बस को लूट लिया। इसमें सवार यात्रियों से मारपीट के बाद उन्हें उतार दिया। इसके बाद उपद्रवी बस लेकर अनाजमंडी स्थित साइबर थाने जा पहुंचे। यहां बस से पहले थाने का गेट तोड़ने का प्रयास किया गया, लेकिन इसमें असफल रहने पर उपद्रवियों ने थाने की दीवार में टक्कर मारकर उसे ढहा दिया। थाने में खड़े एक पुलिसकर्मी के वाहन के साथ ही चार निजी वाहनों को आग लगा दी। थाने में जब्त वाहनों को भी उपद्रवियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया। थाने को आग लगाने का भी प्रयास किया। घटना के समय साइबर थाने में तीन-चार ही पुलिसकर्मी थे, जोकि जान बचाकर निकल भागे।
अनाजमंडी में खड़ी आढ़तियों की गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की।
सोशल मीडिया पर वायरल होने से गांव तक से पहुंचे लोग
दोपहर को शुरू हुआ उपद्रव जैसे ही सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, वैसे ही नूंह के गांवों से भी एक समुदाय के लोग भारी संख्या में नूंह शहर की ओर दौड़ पड़े। इससे हालात और बिगड़ गए। उपद्रवियों ने जबरन दुकानों को भी बंद करा दिया और राह चलते लोगों से भी बदतमीजी की। उनसे मारपीट की गई। बाजार में दो-तीन दुकानों को उपद्रवियों ने आग लगा दी।
इन लोगों पर बवाल का आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक, नूंह के मोनू मानेसर व उसके बजरंग दल से जुड़े साथियों पर कई लोगों की जान लेने का आरोप है। उसने कुछ दिन पहले वीडियो वायरल किया था और खुले तौर पर चुनौती दी थी कि वह यात्रा के दौरान मेवात में रहेगा। इस पर इलाके के लोगों ने भी पलटवार किया था। क्षेत्र का माहौल पहले से ही गर्म था। इसके बाद नूंह शहर के पास गुरुग्राम-अलवर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जमकर बवाल हुआ।
नूंह-होडल मार्ग को किया डायवर्ट
बवाल के बाद नूंह-होडल मार्ग को डायवर्ट कर दिया गया। पूरे नूंह शहर की मार्केट बंद हो गई। सबसे पहले तिरंगा पार्क के आसपास के इलाके की दुकानें बंद हुईं। उसके बाद देखते ही देखते नूंह सिटी की मेन मार्केट के अलावा नया बाजार, गली बाजार और होडल बाईपास समेत दूसरी मार्केट भी दुकानदारों ने बंद कर दीं। तनाव को देखते हुए लोग घरों में दुबके हुए थे।