अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नूंह डिपो में अस्थाई स्थानांतरण पर भेजे गए 10 चालकों को 10 सप्ताह का समय पूरा होने के बाद भी अभी तक रिलीव नहीं किया है। ऐसे में इन चालकों को गुरुग्राम डिपो में वापस आने का इंतजार करना होगा। गुरुग्राम डिपो में चालकों की कमी होने के कारण कई रूटों पर रोडवेज बसों का संचालन भी प्रभावित हो रहा है। परिवहन विभाग के मुख्यालय की ओर से चालकों के गुरुग्राम डिपो में वापसी के आदेश जारी नहीं किए हैं।
नूंह डिपो में चालकों की कमी के चलते हरियाणा परिवहन विभाग ने गुरुग्राम डिपो से 10 चालकों को 10 सप्ताह के अस्थाई स्थानांतरण पर भेजा गया था। हरियाणा राज्य परिवहन के महानिदेशक ने 15 जुलाई को गुरुग्राम डिपो के महाप्रबंधक को पत्र जारी करते हुए 10 चालकों को अस्थाई स्थानांतरण पर नूंह भेजने के निर्देश दिए थे। इसके बाद 18 जुलाई को 10 चालकों को नूंह भेजा गया। इनमें सुरेश, शिव नारायण, नफे सिंह, श्याम लाल, वेद प्रकाश, रामबीर, अरविंद कुमार, जोगेंद्र, जोगेंद्र व मंजीत को भेजा गया। 26 सितंबर को इन सभी चालकों के 10 सप्ताह पूरे होने के बाद भी राज्य परिवहन के मुख्यालय ने चालकों की वापसी के आदेश जारी नहीं किए हैं। वहीं, चालकों ने जिला न्यायालय भिवानी से अधिवक्ता रोशन लाल रंगा के माध्यम से विभाग को लीगल नोटिस भिजवाया हुआ है।
वर्जन
अस्थाई स्थानांतरण पर भेजे गए 10 चालकों की वापसी के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा जा चुका है। मुख्यालय की ओर से वापसी के आदेश होने हैं। नूंह डिपो से भी चालकों को रिलीव नहीं किया गया है।
भारत भूषण गोगिया महाप्रबंधक, गुरुग्राम डिपो