10 साल से विवादों के चलते लटका हुआ था कंट्री क्लब का निर्माण
- निजी कंपनी करवा रही है इसका निर्माण, 6.04 एकड़ के भू-भाग पर बनाया जा रहा
- लीज मनी के रूप में हर साल एचएसवीपी को मिलेंगे 9.56 करोड़
मयंक तिवारी
गुरुग्राम। हुडा के सेक्टर-56 में बनने वाले कंट्री क्लब, हेल्थ क्लब व स्वीमिंग पूल का विवाद दस साल बाद समाप्त हो गया है। एचएसवीपी की ओर से इस साइट को दो गुना दर पर एक निजी कंपनी को बेचा गया है। इससे हुए करार के तहत इस साइट को 10 साल की लीज पर 9.56 करोड़ प्रतिवर्ष की आय होगी।
एचएसवीपी की सेक्टर-56 में 6.04 एकड़ के भू-भाग पर कंट्री क्लब, हेल्थ क्लब व स्वीमिंग पूल का निर्माण चल रहा था। दस साल पहले हुडा मुख्यालय से इसे बनाने का ठेका भी दिया गया था मगर यह विवादों के भेंट चढ़ गया। इस मामले में एचएसवीपी के एक कार्यकारी अभियंता को चार्जशीट भी किया जा चुका है।
एचएसवीपी के संपदा विभाग की ओर से सुभाष इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ एक करार किया गया। करार के तहत निजी कंपनी की ओर से डेढ़ साल में इस साइट का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। करार के तहत वर्ष 2027 से कंपनी को ओर से हर साल 9.56 करोड़ रुपये किराये के रूप में दिए जाएंगे। लीज लेने वाली कंपनी की ओर से शादी घर, होटल के कमरे भी बनाए जाएंगे। इसके तहत वह कमाकर विभाग को जमा करेगा।
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प्लॉट होल्डरों को भी मिलेगी राहत
निजी कंपनी की ओर से व्यवसायिक दर से लोगों के लिए आवंटन होगा। गोल्फ कोर्स के आसपास सेक्टरों में रहने वाले प्लाॅट होल्डर को आवंटन में राहत मिलेगी। गोल्फ कोर्स रोड पर जिस स्थान पर इसका निर्माण किया जाना है। उसके आस-पास इस तरह के क्लब की आवश्यकता था। 6.04 एकड़ के भू भाग में बनने वाले इस क्लब की अपनी अलग पहचान होगी।
रिजर्व प्राइज से दोगुनी में बिकी साइट
हुडा के संपदा विभाग की ओर से इस साइट की निलामी के लिए 4.40 करोड़ रुपये प्रति वर्ष का रिजर्व प्राइज रखा गया था। इसके लिए दो कंपनियों ने हिस्सा लिया था। लीज लेने वाली कंपनी की ओर से 9.56 करोड़ का करार होने पर उसके नाम आवंटन किया गया। एचएसवीपी के डिविजन एक के एसडीओ नरेश राणा व संपदा की ओर से इसके आवंटन में अहम भूमिका रही है। इंजीनियरिंग विंग के एक कार्यकारी अभियंता पर चार्जशीट भी हो चुकी है। संपदा विभाग की सर्वे शाखा की ओर से जमीन पर कब्जा दिया जा चुका है। जिस निर्माण कार्य चल रहा है।
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वर्जन
सेक्टर 56 में बनने वाले कंट्री क्लब के लिए निजी कंपनी से करार हुआ है। इसके निर्माण कार्य पूरा होने पर लोगों को इसका लाभ मिलेगा। - अनुपमा मलिक, संपदा अधिकारी-दो, एचएसवीपी, गुरुग्राम।