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Gurugram News: राजस्व विभाग की लापरवाही से किसानों पर मार

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ऑनलाइन वेरिफिकेशन अधूरा रहने से मंडियों से लौट रहे किसान
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संवाद न्यूज एजेंसी

नूंह। गेहूं खरीद सीजन के बीच राजस्व विभाग के पटवारी व तहसीलदारों की लापरवाही किसानों पर भारी पड़ रही है। फसल बेचने के लिए मंडियों में पहुंच रहे किसानों को उस समय मायूस होकर वापस लौटना पड़ रहा है, जब उनकी फसल का ऑनलाइन वेरिफिकेशन पूरा नहीं मिलता।
मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर सत्यापन अधूरा रहने के कारण खरीद प्रक्रिया अटक रही है, जिससे किसानों में रोष बढ़ता जा रहा है। मंडी में पहुंचे किसानों ने प्रशासन और राजस्व विभाग के खिलाफ नाराजगी जताई। गांव इंडरी के किसान राजेन्द्र ने कहा कि सरकार कहती है कि फसल का पूरा सिस्टम ऑनलाइन है लेकिन जमीनी हकीकत ये है कि हम कई-कई दिन से चक्कर काट रहे हैं। पटवारी से लेकर तहसील तक घूम लिया फिर भी वेरिफिकेशन पूरा नहीं हुआ। किसान इकराम ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि हम सुबह ट्रैक्टर लेकर मंडी आ जाते हैं लेकिन शाम तक इंतजार के बाद भी फसल नहीं बिकती। डीजल का खर्च अलग और समय की बर्बादी अलग। ऑनलाइन वेरिफिकेशन नहीं मिल रही।
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वहीं, किसान नरेश शर्मा ने कहा कि फसल कट चुकी है, मौसम भी खराब होने का डर है। अगर जल्दी बिक्री नहीं हुई तो हमें बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा। सरकार को पहले सिस्टम ठीक करना चाहिए था। ये राजस्व विभाग की लापरवाही है। एक अन्य किसान गौतम तंवर ने आरोप लगाया कि राजस्व विभाग के कर्मचारी सुनवाई नहीं कर रहे। जब तक दबाव नहीं डालो, काम आगे नहीं बढ़ता।

मंडी में अव्यवस्था का माहौल

आढ़तियों का कहना है कि बिना ऑनलाइन सत्यापन के खरीद संभव नहीं है, जिससे मंडियों में अव्यवस्था बढ़ रही है। किसान फसल लेकर खड़े हैं लेकिन प्रक्रिया पूरी न होने से खरीद ठप पड़ी है। वहीं, एडीसी ज्योति का कहना है कि समस्या को गंभीरता से लिया गया है। संबंधित राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि लंबित वेरिफिकेशन जल्द पूरा किया जाए। अधिकारियों के अनुसार, तकनीकी दिक्कतों और डेटा अपडेट में देरी के कारण यह स्थिति बनी है, जिसे जल्द सुधार लिया जाएगा।
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राजस्व विभाग पर उठ रहे सवाल

पूरा मामला राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। यदि समय रहते ऑनलाइन सत्यापन प्रक्रिया को दुरुस्त नहीं किया गया, तो खरीद सीजन के दौरान किसानों की परेशानियां और बढ़ सकती हैं। किसान संगठनों ने भी चेतावनी दी है कि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
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