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Gurugram News: हत्या, रंगदारी समेत 30 से 35 मामलों में नाम आया नीरज फरीदपुरिया का

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विकास चौधरी हत्याकांड के बाद आया था चर्चा में, एंबुलेंस चालक की हत्या में हुई थी उम्रकैद, फर्जी पासपोर्ट से विदेश पहुंचने का आरोप
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केशव भारद्वाज

फरीदाबाद। हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, लूट और अवैध हथियार रखने जैसे गंभीर अपराधों के 30 से 35 मामलों में नाम आने के कारण गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया हरियाणा पुलिस के लिए लंबे समय से चुनौती बना हुआ है। फरीदपुर गांव निवासी नीरज का नाम वर्ष 2019 में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी की हत्या के बाद सुर्खियों में आया था। उस पर फरीदाबाद और पलवल में कई आपराधिक वारदातों में संलिप्त होने के आरोप हैं। अब अमेरिका में दोबारा हिरासत में लिए जाने के बाद उसे भारत लाने की संभावना जताई जा रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, नीरज पिछले साल अमेरिकी पुलिस की गिरफ्त में आया था, लेकिन बाद में सशर्त जमानत पर रिहा हो गया। इस बार उसे जमानत की शर्तों के उल्लंघन के आरोपों के बीच दोबारा हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों के माध्यम से उसका डोजियर अमेरिकी एजेंसियों को भेजा गया था। फरीदाबाद पुलिस की ओर से उसके प्रत्यर्पण के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को सिफारिश भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई थी। हालांकि, उसे भारत लाने की प्रक्रिया और समयसीमा पर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
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सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था चौधरी
26 जून 2019 को फरीदाबाद के सेक्टर-9 में कांग्रेस के तत्कालीन प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में नीरज का नाम सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने उसकी गतिविधियों पर नजर बढ़ाई। इसके अलावा, जुलाई 2024 में पलवल के चांदहट गांव निवासी योगेश कुमार से फोन पर एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने का मामला भी सामने आया था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उसके खिलाफ फरीदाबाद और पलवल में करीब 12-12 मामले दर्ज होने की जानकारी है।

सुप्रीम कोर्ट ने किया था भगोड़ा घोषित

नीरज का आपराधिक इतिहास वर्ष 2012 से जुड़ा बताया जाता है। आरोप है कि 27 अक्तूबर 2012 की रात उसने सेक्टर-3 स्थित रेफरल अस्पताल में फरीदपुर गांव निवासी एंबुलेंस चालक दीपक की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था। वर्ष 2015 में उसे हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई गई। करीब 10 वर्ष जेल में रहने के बाद वर्ष 2019 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने पर वह जेल से बाहर आया। इसके बाद उसके अमेरिका पहुंचने की बात सामने आई। सुप्रीम कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित किया था।
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फर्जी पासपोर्ट से विदेश जाने का आरोप
पुलिस जांच के अनुसार, नीरज ने गुरुग्राम से फर्जी पहचान के आधार पर पासपोर्ट बनवाया था। इस मामले में गैंगस्टर कौशल की भूमिका सामने आने की बात भी कही गई थी। अक्तूबर 2022 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने फरीदपुर गांव स्थित नीरज के घर पर छापेमारी की थी। बताया जाता है कि एजेंसी की टीम इस सिलसिले में तीन बार गांव पहुंची थी। इसके अलावा, नगर निगम की ओर से उसके घर पर तोड़फोड़ की कार्रवाई भी की गई थी।
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