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Gurugram News: बेकार पानी से होगा प्रकृति का शृंगार

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जिले में 27 एमएलडी ट्रीटेड पानी का होगा पुन: उपयोग, हरियाली और तालाब होंगे लबालब
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पीने के पानी की बचत के लिए गुरुग्राम में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। बेहरामपुर स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से निकलने वाले करीब 27 एमएलडी ट्रीटेड पानी का उपयोग अब भोंडसी स्थित पुलिस ट्रेनिंग सेंटर (पीटीसी), गैरतपुर बास और टिकली क्षेत्र में होगा। इस पानी का इस्तेमाल हरियाली विकसित करने, बागवानी कार्यों तथा गांवों के तालाबों को भरने के लिए किया जाएगा।

इस परियोजना के लिए बेहरामपुर एसटीपी से तीन अलग-अलग पाइपलाइन बिछाई गई हैं। प्रधान सलाहकार, शहरी विकास, हरियाणा, दीपेंद्र सिंह ढेसी ने अधिकारियों के साथ एक समन्वय बैठक की। उन्होंने हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को ट्रीटेड पानी के नमूने लेने के निर्देश दिए। पानी की गुणवत्ता की निर्धारित मानकों के अनुसार जांच कराई जाएगी। ढेसी ने पर्यावरणीय सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया। तीनों परियोजनाओं से कुल 27 एमएलडी ट्रीटेड पानी का पुन: उपयोग होगा। इससे इतनी ही मात्रा में पीने योग्य पानी की बचत होगी। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने कहा कि यह पहल गैर-पेयजल जरूरतों के लिए ताजे पानी पर निर्भरता कम करेगी। इससे उपलब्ध पेयजल संसाधनों का उपयोग अधिक आवश्यक कार्यों के लिए किया जा सकेगा।
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पीटीसी भोंडसी में पानी का उपयोग
सिंचाई विभाग ने बेहरामपुर एसटीपी से पीटीसी भोंडसी तक 7.6 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई है। इससे प्रतिदिन करीब 18 एमएलडी ट्रीटेड पानी पीटीसी परिसर में पहुंचाया जाएगा। इस पानी का उपयोग पौधों की सिंचाई, परेड ग्राउंड के रखरखाव और घोड़ों के अस्तबल में होगा। हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन आंतरिक वितरण नेटवर्क विकसित कर रहा है। इस कार्य को 28 नवंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य है।

ग्रामीण तालाबों को मिलेगा पानी
जीएमडीए द्वारा बेहरामपुर एसटीपी से गैरतपुर बास तक पाइपलाइन बिछाई गई है। इस पाइपलाइन से रास्ते में आने वाले 11 तालाबों को करीब 4 एमएलडी ट्रीटेड पानी से भरा जाएगा। इसी प्रकार, सिंचाई विभाग ने बेहरामपुर एसटीपी से टिकली गांव तक 9 किलोमीटर लंबी तीसरी पाइपलाइन बिछाई है। इसके माध्यम से तीन तालाबों को भरने में करीब 5 एमएलडी ट्रीटेड पानी का उपयोग किया जाएगा।
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सड़कों के किनारे विकसित होंगे ग्रीन बेल्ट
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने और प्रमुख सड़कों की सुंदरता सुधारने के लिए बड़े स्तर पर काम करेगा। इसके तहत ग्रीन बेल्ट, सेंट्रल वर्ज, रोड आइलैंड और अन्य हरित क्षेत्रों का विकास, अपग्रेडेशन और रखरखाव किया जाएगा। पुराने और नए गुरुग्राम के कई प्रमुख सेक्टर डिवाइडिंग व मास्टर रोड इस योजना में शामिल किए गए हैं। जीएमडीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीसी मीणा ने बताया कि सेक्टर 92/95 और 102ए/103 को विभाजित करने वाली सड़कों के साथ ग्रीन बेल्ट और सेंट्रल वर्ज विकसित किए जाएंगे। पुराने गुरुग्राम के प्रमुख मास्टर रोड जैसे सेक्टर-4/9ए, 4/3ए, 3ए/9ए, 5/6, 21/22 और 22/23 के हरित क्षेत्रों को भी विकसित और अपग्रेड किया जाएगा। इन सड़कों के साथ पौधरोपण, लैंडस्केपिंग और नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा। इसके अलावा, सेक्टर 44/52, 45/52 और 46/51 को विभाजित करने वाले मास्टर रोड के ग्रीन एरिया को भी विकसित किया जाएगा। जीएमडीए द्वारा सेक्टर 30/31, 40/41, 31/40, 47/49 और 47/50 की सड़कों के साथ ग्रीन बेल्ट में भी पौधरोपण होगा। पीसी मीणा ने कहा कि गुरुग्राम में तेजी से हो रहे शहरीकरण के कारण उपलब्ध खुले स्थानों पर दबाव बढ़ रहा है। ऐसे में सड़क के साथ मौजूद ग्रीन बेल्ट और सेंट्रल वर्ज को विकसित करना महत्वपूर्ण है। ब्यूरो
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