जलभराव की समस्या हो जाएगी दूर, 20 करोड़ रुपये की आएगी लागत
हाईवे की सर्विस रोड से पानी निकासी के लिए बना है 750 मीटर लंबा नाला
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) एनएच-48 स्थित नरसिंहपुर से बादशाहपुर ड्रेन (लेग-3) तक नरसिंहपुर कच्चे नाले को पक्का कराने की तैयारियों में जुट गया है। इस पर करीब 20 करोड़ रुपये लागत आने का अनुमान है। इसके बाद जलभराव की समस्या दूर हो जाएगी।
दिल्ली-जयपुर हाईवे (एनएच-48) स्थित नरसिंहपुर गांव के पास हाईवे की सर्विस रोड पर जलभराव की समस्या लंबे समय से चली आ रही थी। यहां पर पंप लगाकर पाइप से बरसाती पानी को बादशाहपुर ड्रेन में डाला जा रहा था। बारिश के मौसम में हाईवे की सर्विस रोड पर हर साल जल भराव की समस्या से यातायात प्रभावित होता था। हालांकि जीएमडीए ने एचएसआईआईडीसी द्वारा वर्ष 2006 में अधिग्रहित भूमि पर 750 मीटर लंबी जल निकासी के लिए पाइप लाइन बिछाने की योजना बनाई थी लेकिन जमीन नहीं मिलने पर काम अटका हुआ था। मई में जीएमडीए और हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) ने एनएच-48 स्थित नरसिंहपुर और मोहम्मदपुर क्षेत्र में अतिक्रमण हटाकर नरसिंहपुर सर्विस रोड पर जलभराव की समस्या को हल करने के लिए कच्चा नाला बनवा दिया था। 750 मीटर लंबा नाला 6 मीटर चौड़ा बनाया गया है।
जीएमडीए के मुख्य अभियंता राजेंद्र सिंह जांगड़ा ने बताया कि नरसिंहपुर कच्चे नाले को पक्का कराने का काम बारिश के बाद शुरू होगा। उन्होंने बताया कि नाले को ऊपर से भी पक्का कराया जाएगा। नाले के बनने से बारिश में हाईवे की सर्विस रोड पर जलभराव में काफी कमी आई है। हाईवे पर पानी निकासी का स्थायी समाधान कराया जाएगा।
शहर का ड्रेनेज सिस्टम
वर्तमान में तीन मास्टर स्टॉर्म वाटर ड्रेन हैं जो शहर के बरसाती पानी को नजफगढ़ ड्रेन तक ले जाती हैं। लेग-1 ड्रेन (सिकंदरपुर से पालम विहार होते हुए नजफगढ़), लेग-2 ड्रेन (सेक्टर 42 से हुडा सिटी सेंटर होते हुए नजफगढ़) और लेग-3 ड्रेन (घाटा गांव से वाटिका चौक, हीरो होंडा चौक, सेक्टर 99 होते हुए नजफगढ़ ड्रेन) जिसे बादशाहपुर ड्रेन भी कहा जाता है। इसके अतिरिक्त जीएमडीए द्वारा सेक्टर 69, 70, 75 और 75ए के साथ वाटिका चौक से एनएच-48 तक लगभग 5 किलोमीटर लंबी ड्रेन बिछाने का काम किया जा रहा है। पूरा होने पर यह ड्रेन गुरुग्राम शहर के लेग-4 ड्रेन के रूप में कार्य करेगी। बादशाहपुर ड्रेन (लेग-3) पर बोझ को भी कम करेगी।