गुरुग्राम सेक्टर 37 में नहीं हो सकी नमाज
- फोटो : अमर उजाला
सीएम के बयान के बाद अब गुरुग्राम में जुमे की नमाज के लिए चिह्नित 37 स्थल रद हो चुके हैं। ऐसे में अब गुरुग्राम मुस्लिम काउंसिल प्रशासन से यह सवाल कर रही है कि शहर के पांच लाख नमाजी अब हर शुक्रवार को जुमे की नमाज कहां पढ़ें।
काउंसिल की मांग है कि अगर सार्वजनिक जगहों पर नमाज की अनुमति नहीं दी जा रही है तो उन्हें जल्द से जल्द विभिन्न इलाकों में जमीन आवंटित की जाएं, जहां वह मस्जिद बना सकें। मामले को लेकर सोमवार को काउंसिल के पदाधिकारी जिला उपायुक्त ( डीसी) से मुलाकात करेंगे।
गुरुग्राम मुस्लिम काउंसिल के प्रवक्ता अल्ताफ अहमद ने बताया कि शहर में स्थानीय लोगों को मिलाकर प्रवासी व दूसरे जिलों से काम करने आने वाले लोगों को मिला कर लगभग पांच लाख की मुस्लिम आबादी है। स्थानीय लोगों, हिंदू संगठन और अब सीएम मनोहर लाल के बयान के बाद जुमे की नमाज के लिए चिह्नित 37 स्थलों को रद्द किया जा चुका है।
अब मुस्लिमों के सामने आगामी जुमे से ही यह परेशानी खड़ी हो जाएगी कि वह सामूहिक रूप से नमाज कहां अदा करें। अल्ताफ का कहना है कि शहर में अन्य धर्मों के लिए धार्मिक स्थलों की कमी नहीं है तो फिर दूसरी सबसे बड़ी आबादी के साथ यह भेदभाव क्यों हो रहा है।
पूर्व में रद्द हो चुकी है आवंटन की प्रक्रिया
अल्ताफ अहमद ने बताया कि काउंसिल व समुदाय के अन्य लोगों ने मस्जिद के लिए कई बार जमीन आवंटन के लिए आवेदन किए हैं। हर बार प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया है। कई बार तो बयाना तक वापस कर दिया गया है। मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत से भी मिला जा चुका है, वहीं कई प्रयासों के बाद अभी तक सीएम से मुलाकात नहीं हो सकी है। हालांकि सीएम के हाल ही के बयान में स्थलों को रद्द करने के साथ-साथ यह भी कहा गया है कि मामले पर फिर से चर्चा की की जरूरत है। इससे समुदाय के लोगों को एक उम्मीद जगी है।