टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं पर जांच के आधार पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम ने टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं निष्पक्षता तय करने की दिशा में सख्त रुख अपनाया है। एक मामले में हुई जांच के निष्कर्षों के आधार पर निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने ड्राफ्ट्समैन सोमबीर से तत्काल स्पष्टीकरण मांगने व निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए संबंधित फर्मों को ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
इसके साथ ही मामले में कथित रूप से फर्जी व जाली दस्तावेज प्रस्तुत करने और टेंडर प्रक्रिया के दौरान धोखाधड़ी किए जाने के आरोपों की जांच के आधार पर संबंधित कर्मचारी एवं फर्मों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
मामले की जांच में यह सामने आया कि संबंधित ड्राफ्ट्समैन ने कथित अनियमितताओं के संबंध में नगर निगम के हितों की रक्षा के लिए अपेक्षित कदम नहीं उठाए। रिकॉर्ड के अनुसार, संबंधित फर्मों में उसके पिता एवं करीबी रिश्तेदारों के मालिक व साझेदार होने के बावजूद उसने टेंडर आवंटन प्रक्रिया से स्वयं को अलग नहीं किया। जांच के निष्कर्षों में इस स्थिति को कॉन्फलिक्ट ऑफ इंट्रेस्ट से जुड़ा विषय माना गया है। निगमायुक्त ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए लागू सेवा नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
मामले में संबंधित फर्मों द्वारा टेंडर प्रक्रिया के दौरान कथित रूप से फर्जी अथवा जाली दस्तावेज प्रस्तुत करने के आरोप भी सामने आए हैं। निगमायुक्त ने निर्देश दिए हैं कि मामले में उपलब्ध तथ्यों, जांच रिपोर्ट और रिकॉर्ड के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निगम की टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। यदि जांच एवं नियमानुसार प्रक्रिया में कोई व्यक्ति, कर्मचारी या फर्म दोषी पाई जाती है तो उसके विरुद्ध लागू नियमों और कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।