डेंगू-मलेरिया पर काबू पाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कसी कमर
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। डेंगू और मलेरिया के संभावित बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। इसी कड़ी में शहर में विशेष फीवर सर्वे अभियान शुरू किया गया है, जो हर महीने की 1 से 15 तारीख तक अक्तूबर तक चलाया जाएगा।
बीते दो सालों से डेंगू के साथ मलेरिया के भी मामले सामने आ रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का 2030 तक मलेरिया मुक्त लक्ष्य है। इस पहल के पीछे मुख्य कारण इस साल अप्रैल में सामान्य से अधिक बारिश होना है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्री-मानसून बारिश और बढ़ी हुई नमी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करती है। स्वास्थ्य विभाग ने लगभग 102 टीमों को सर्वे के लिए तैनात किया है। ये टीमें उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देंगी, जहां पिछले वर्षों में डेंगू के मामले सामने आए थे। साथ ही, पानी जमा होने वाले कंटेनरों और संभावित प्रजनन स्थलों की पहचान कर उनकी जियो-टैगिंग की जाएगी, ताकि नियमित निगरानी सुनिश्चित हो सके। आंकड़ों के अनुसार, 2022 में 440 मामले, 2023 में 276 और 2024 में 186 मामले सामने आए थे, जबकि 2025 में अब तक 64 मामले दर्ज हुए हैं।
हर रविवार ड्राई डे
स्वास्थ्य विभाग डेंगू के लार्वा को पनपने से रोकने के लिए हर रविवार ड्राई डे मनाता है। इसका उद्देश्य कूलरों, गमलों और अन्य स्थानों पर जमे पुराने पानी को हटाकर साफ पानी भरना और स्वच्छता बनाए रखना है। साथ ही, मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए तालाबों में गंबूजिया मछलियां भी छोड़ी जा रही हैं, जिससे डेंगू के खतरे को कम किया जा सके।
वर्जन
जिले में डेंगू और मलेरिया रोकने के लिए विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। विभिन्न क्षेत्रों में जागरूकता और फीवर सर्वे अभियान चलाया जा रहा है। मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए तालाबों में गंबूजिया मछली छोड़ी जा रही है। -
डाॅ. जयप्रकाश, डिप्टी सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग