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खुलासा: लॉरेंस गैंग का मुखिया बनना चाहता था मोनू, हत्याकांड से दिन पहले रची थी जुनैद-नासिर के अपहरण की साजिश

Fri, 15 Sep 2023 10:06 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
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Monu Manesar - फोटो : अमर उजाला
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मोनू मानेसर लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का स्थानीय स्तर पर सरगना बनना चाहता था। इसलिए उसने थाईलैंड में बैठकर लॉरेंस बिश्नोई के भाई एवं सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मुख्य आरोपी अनमोल बिश्नोई से मोबाइल एप के जरिए बात की थी। इसका खुलासा दो दिन तक राजस्थान पुलिस द्वारा लिए गए रिमांड में हुआ है।
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बृहस्पतिवार को मोनू मानेसर की वीडियो कॉलिंग के जरिए कामां न्यायालय में पेशी कराई गई। जहां से कोर्ट ने आरोपी को जिला कारागार डीग में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। 

पुलिस सूत्रों की माने तो मोनू मानेसर ने पूछताछ में बताया कि वह थाईलैंड के बैंकॉक में फरारी काटने गया था। उस दौरान वह भारत समेत विदेश के गई गैंगस्टरों के संपर्क में था। विशेष रूप से वह लॉरेंस बिश्नोई गैंग को स्थानीय स्तर पर संचालित करना चाहता था।
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देहरादून से पकड़े गए जोगी और मोनू राणा ने भी मोनू मानेसर के थाईलैंड में होने की बात कबूली थी। जबकि रिंकू सैनी इस मामले में बराबर मोनू मानेसर से बात करता रहा था। यह भी पता चला है कि मोनू मानेसर ने 31 जुलाई को मेवात क्षेत्र में होने वाली ब्रजमंडल शोभा यात्रा में भड़काऊ पोस्ट थाईलैंड में रहते हुए डाली थी। उसके बाद वह अपने शहर मानेसर आ गया और पुलिस को लगातार झांसा देते हुए खुद को बेगुनाह बताता रहा।
 

नासिर-जुनैद हत्याकांड में हुआ खुलासा
रिमांड पर मोनू मानेसर से हुई पूछताछ में पता चला है कि जुनैद और नासिर को जलाने से पहले 9 घंटे तक योजना चलती रही कि उन्हें कहां और किस हालत में जलाया जाए। पुलिस सूत्रों की माने तो आरोपी मोनू ने स्वीकार किया है कि उनके साथी घायल जुनैद और नासिर को फिरोजपुर झिरका पुलिस थाना लेकर गए थे।

जहां पर घायल जुनैद का सिर गाड़ी के दरवाजे से टकराया और वह जमीन पर गिर पड़ा था। इस चोट के लगने से जुनैद फिर बेहोश हो गया। इस हालत को देखकर पुलिस ने उन्हें अपनी हिरासत में लेने से साफ-साफ मना कर दिया था।

हालांकि इस मामले में नूंह जिला पुलिस की उपाधीक्षक उषा कुंडू की एसआईटी जांच करने में जुटी हुई है। यह माना रहा है कि अब पूछताछ में माेनू से हुए खुलासे के बाद फिरोजपुर झिरका के पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों पर भी गाज गिरना लाजमी है।

जानबूझकर टाल रही थी राजस्थान पुलिस
जुनैद नासिर हत्याकांड में 17 फरवरी को गिरफ्तार हुए रिंकू सैनी ने मोनू मानेसर के बारे में जो जानकारियां दी, उससे राजस्थान पुलिस को काफी बातें पता चली थीं। राजस्थान पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि रिंकू से हुई पूछताछ में ही मोनू मानेसर की गिरफ्तारी होने के पुख्ता सबूत मिल गए थे लेकिन राजस्थान पुलिस जानबूझकर इस मामले को डिले कर रही थी, जिससे पूरे तथ्यों के साथ मोनू मानेसर को गिरफ्तार किया जाए।

पूछताछ में यह भी पता चला है कि 14-15 फरवरी को जुनैद और नासिर का अपहरण के लिए मोनू मानेसर और उसकी टीम ने पूरी रेकी की थी। इस टीम के दो जासूस नासिर और जुनैद की पल-पल की रिपोर्ट मोनू को दे रहे थे।

उनके नाम का खुलासा भी हुआ है। अब यह साफ हो गया है कि जुनैद और नासिर को मारने की साजिश में न केवल मोनू मानेसर का हाथ है, बल्कि इसी गिरोह के अन्य लोग भी इस प्रकरण में बराबर के भागीदार हैं।

यह था नासिर-जुनैद हत्याकांड
16 फरवरी 2023 को गोपालगढ़ पुलिस थाने में इस्माइल गांव घाटमीका की शिकायत पर मोनू समेत कई लोगों पर अपहरण व अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ था। इसके बाद नासिर और जुनैद की जली हुई लाश हरियाणा के भिवानी क्षेत्र के लोहारू में एक गाड़ी में मिली और उसके बाद हत्या की धाराएं भी जोड़ी गई।
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वहीं 17 फरवरी 2023 को रिंकू सैनी की गिरफ्तारी के बाद अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी हुई और कुल मिलाकर इस मामले में राजस्थान पुलिस ने 30 आरोपी सूचीबद्ध कर डालें। अब उनके खिलाफ भी तेज कार्रवाई होने के आसार दिखाई दे रहे हैं।
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