शिक्षा विभाग नूंह का नहीं ध्यान, नौ कमरों में छह खस्ताहाल
वोट 1007 और आबादी 2000 के पार, फिर भी नहीं विकास का इख्तियार
राजकीय प्राइमरी स्कूल जोगीपुर में पढ़ते हैं 237 बच्चे
राजूद्दीन जंग
नगीना। शहर के जिस स्कूल में 237 बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं वहां के दोनों गेट टूटे हुए हैं। इतना ही नहीं स्कूल की दीवारें टूटी हुई हैं और नौ कमरों में से छह खस्ताहाल स्थिति में हैं। तीन कमरों में कितने बच्चे कैसे पढ़ते होंगे यह बात सिर्फ वहां पढ़ा रहे शिक्षकों ओर वहां पढ़ रहे विद्यार्थियों को ही पता है। यह हाल जिला मुख्यालय नूंह से चंद किलोमीटर दूर राजकीय प्राथमिक विद्यालय जोगीपुर का है।
स्कूल में शौचालय जरूर बने हैं लेकिन उन पर ताले जड़े हुए हैं। छत के ऊपर रखी प्लास्टिक की टंकी कई जगह से टूटी है। रसोई में लोगों ने गंदगी फैला रखी है। कुछ शरारती तत्वों ने स्कूल के परिसर में बाजरे की पुलियां डाली हुई हैं और कुछ ने सूखा चारा फैलाया हुआ है। इससे बच्चे और शिक्षक परेशान हैं। स्कूल का ताला तोड़ने की एक शिकायत नूंह सदर थाना में दर्ज है। हालात ऐसे हैं कि गांव के दो चार आदमियों को छोड़कर कोई भी स्कूली शिक्षा पर ध्यान नहीं दे रहा है।
स्कूल प्रबंधन कमेटी जोगीपुर जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ रही है। करीब तीन किलोमीटर दूर जिला शिक्षा अधिकारी नूंह समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी सचिवालय में बैठते हैं। इसी रोड पर वर्तमान विधायक और पूर्व विधायक के आवास हैं। यह गांव अड़बर ग्राम पंचायत का हिस्सा है। हर बार वोट लेने के बाद सरपंच जोगीपुर आते हैं। दावा करते हैं कि उनके गांव का विकास होगा। स्कूल सौंदर्य करण के लिए प्रत्येक वर्ष 35000 रुपये आते हैं, जिसमें स्थानीय लोग रोड़ा बन जाते हैं। फिलहाल यह स्कूल वीरान सा दिखाई देता है। ड्यूटी पर केवल तीन शिक्षक तैनात मिले हैं और तीन का कोई जानकारी नहीं थी। इस गांव को स्वतंत्र ग्राम पंचायत बनाने मांग लंबे समय से चली आ रही है। कुछ लोग यह भी चाहते हैं कि उन्हें नूंह नगर परिषद में शामिल किया जाए ताकि गांव का संपूर्ण विकास हो पाए। गांव जोगीपुर की आबादी 2000 हो चुकी है यहां 1007 मतदाता हैं, जिनमें 555 पुरुष और 452 महिलाएं शामिल हैं।
स्कूल में कुल 9 कमरे, 2 रसोई, तीन-चार शौचालय हैं लेकिन सभी खस्ताहाल हैं। ग्राम पंचायत व शिक्षा विभाग कोई ध्यान नहीं दे रहा है।- हसन खान, ग्रामीण
स्कूल के दोनों दरवाजे और चाहरदीवारी जगह से तोड़ रखी है। अस्थाया अतिक्रमण परिसर में मौजूद है। लोग शिक्षकों की बात नहीं मानते। - वारिस खान, ग्रामीण
237 बच्चों के लिए प्राइमरी स्कूल में कोई सुविधा नहीं है। यहां शिक्षक जरूर पूरे हैं लेकिन बच्चों पर ध्यान नहीं देते हैं। - ताहिर हुसैन, ग्रामीण
5वीं कक्षा के बाद 80 प्रतिशत ड्रॉप आउट हैं। जोगीपुर में एक मोहल्ला आजादपुर है, जिसमें 200 मतदाता हैं। उनके बच्चे भी इसी स्कूल में पढ़ने आते हैं।- मौसिम खान, ग्रामीण
अपने स्तर पर स्कूल को बेहतर बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। शिक्षकों के सभी पद भरे हैं लेकिन अभिभावकों की कमी है। कुछ शरारतियों ने स्कूल के दरवाजे, गेट, टंकी, खिड़कियां तोड़ रखीं हैं। इसकी एक शिकायत नूंह थाने में दर्ज है।
- अब्दुल रहीम, मुख्य शिक्षक राजकीय प्राथमिक विद्यालय जोगीपुर
स्कूल के खराब कमरों का आकलन कराकर कंडम कराया जाएगा। नए कमरे बनाने के लिए एस्टीमेट तैयार होगा। जरूरत होगी तो मरम्मत कराई जाएगी। स्कूल के दोनों गेट तोड़ने का मतलब है कि लोग सहयोग नहीं कर रहे हैं। उनके ही बच्चे यहां पढ़ते हैं उन्हें शिक्षकों का सहयोग करना होगा। - परमजीत चहल, डीईओ नूंह